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टेलीग्राम भारत में सक्रिय: एक हफ्ते के सरकारी बैन के खत्म होने के बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम मंगलवार को भारत में फिर से एक्टिव हो गया है. 21 जून को नीट री-एग्जाम होने के बाद इसे फिर से चालू कर दिया गया है. ऐप गूगल के प्ले स्टोर पर दिखने लगा, जबकि एप्पल के ऐप स्टोर पर कई घंटों तक यह उपलब्ध नहीं रहा. हालांकि, अब एप्पल यूजर्स भी टेलीग्राम का इस्तेमाल कर पा रहे हैं. दोपहर करीब 12 बजे तक, टेलीग्राम एप्पल के ऐप स्टोर से हटा हुआ था. हालांकि अब भी टेलीग्राम ऐप का एक फीचर डिसेबल है.
नीट परीक्षा तक बैन किया गया था ऐप
भारत सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सर्विस पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था, क्योंकि प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नकली नीट परीक्षा पेपर के बारे में गुमराह करने और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट में टेम्पररी ब्लॉकिंग ऑर्डर को चुनौती दी थी. हालांकि, कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि ये रोक कानूनी, सही और एक नेशनल मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की ईमानदारी बनाए रखने के लिए जरूरी थीं. कोर्ट ने टेलीग्राम की इस बात को भी खारिज कर दिया कि सरकार ने मनमाने ढंग से काम किया या सही प्रोसेस का पालन नहीं किया.
डिसेबल रहेगा ये फीचर
सरकारी निर्देशों के मुताबिक, टेलीग्राम को 30 जून तक अपने मैसेज-एडिटिंग फीचर को बंद करने का अलग से निर्देश दिया गया है. ये रोक 21 जून को हुए NEET री-एग्जाम के साथ ही लगाई गईं. सरकार के मुताबिक, अगर कोई पीडीएफ पेपर से पहले अपलोड किया जाए और बाद में पेपर होने के बाद उसे एडिट करके असली प्रश्न पत्र अपलोड कर दिया जाए, तो यह पता लगाना मुश्किल है कि वह कब और किस रूप में शेयर की गई थी. कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया कि साल 2024 के परीक्षा विवाद में भी टाइमस्टैम्प से छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे. इसलिए नीट परीक्षा के एक हफ्ते बाद तक मैसेज एडिटिंग फीचर को ब्लॉक किया गया है.
टेलीग्राम CEO ने की थी आलोचना
टेलीग्राम के फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव पावेल डुरोव ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि भारत की इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री ने ऐप को “एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया था क्योंकि कुछ यूजर्स ने लीक हुए एग्जाम के सवाल शेयर किए थे, लेकिन इससे करोड़ों यूजर्स को परेशानी होगी.” डुरोव ने आरोप लगाया कि रिलायंस और WhatsApp भारत में ऐप को बैन करने और इसकी ग्लोबल एक्सेस को खराब करने के लिए लॉबिंग कर रहे थे. हालांकि वे अपने आरोपों का साबित नहीं कर पाए.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
