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अमेरिका- ईरान डील का भारत ने किया स्वागत

by Live India
अमेरिका- ईरान डील का भारत ने किया स्वागत

मैंभारत ने अमेरिका-ईरान डील का स्वागत किया: बीते 107 दिनों से चल रही अमेरिका-ईरान जंग अब खत्म हो गई है. आखिरकार अमेरिका और ईरान में डील होने जा रही है. शुक्रवार, 19 जून को अमेरिका और ईरान स्विट्जरलैंड पर फाइनल पीस डील साइन करेंगे. 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग ने पूरी दुनिया के सामने संकट पैदा कर दिया था, जिसमें भारत भी शामिल है. तेल और गैस के दाम में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई और जानमाल का नुकसान हुआ. अब जंग खत्म होने पर भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है.

“शांति और स्थिरता वापस आएगी”

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ” मैं वेस्ट एशिया में लड़ाई खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं, जिससे दुनिया भर में गंभीर आर्थिक दिक्कतें आई हैं और कई देशों में जानें गई हैं. भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से इस इलाके में शांति और स्थिरता वापस लाने में मदद मिलेगी और नेविगेशन और कॉमर्स की आजादी पक्की होगी. हम बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ आखिरी समझौते पर पहुंचने की उम्मीद करते हैं. ”

ट्रंप ने शांति समझौते का ऐलान किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (14 जून) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक पोस्ट में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच शांति समझौते का ऐलान किया. साइनिंग सेरेमनी स्विट्जरलैंड में यूनाइटेड स्टेट्स की तरफ से जे.डी. वैन्स और ईरान की तरफ से अराघची और गालिबाफ करेंगे. 60 दिन के सीजफायर के दौरान, दोनों देशों के बीच समझौते पर बातचीत होगी, जिसमें ईरान के खिलाफ बैन, रुके हुए फंड को रिलीज करने और न्यूक्लियर प्रोग्राम जैसे मुद्दे शामिल होंगे. जब तक कोई फाइनल समझौता नहीं हो जाता, तब तक टेम्पररी इंतजाम लागू रहेंगे. यह ग्रेट डील पूरे इलाके में शांति और सुरक्षा लाएगी.

इस दिन खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

ट्रंप ने आगे कहा, “शुक्रवार को डील पर साइन होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने और बारूदी सुरंगें हटाने के काम के साथ, इलाके और दुनिया के लिए दोनों तरफ से फिर से तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी!” इस पूरे युद्ध में दुनिया को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रहा. अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया, जिससे दुनिया का 20 प्रतिशत फ्यूल सप्लाई होता है.

भारत को फायदा

भारत के लिए भी यह संकट बहुत बड़ा था, क्योंकि भारत के कुल आयात का 45 से 50 प्रतिशत कच्चा तेल यहां से सप्लाई होता था. हालांकि होर्मुज संकट के बाद भारत ने रणनीति बदलते हुए सिर्फ 30 प्रतिशत कच्चा तेल ही होर्मुज से मंगाने का फैसला किया है. इसके अलावा 85-90 प्रतिशत एलपीजी और 50 प्रतिशत से ज्यादा नैचुरल गैस यहां से सप्लाई होता था. फ्यूल की किल्लत से भारत में लगातार दाम बढ़ रहे हैं. अब होर्मुज खुल जाने के बाद तेल और एलपीजी के बढ़ते दाम से लोगों को राहत मिलने की संभावना है.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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