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राम मंदिर: कांग्रेस ने रविवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी को लेकर BJP-RSS पर ज़ोरदार हमला किया. पार्टी ने इसे उनके इकोसिस्टम द्वारा किया गया घोटाला बताया. कहा कि इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पूरी तरह से चुप हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि BJP की तीन सूत्रीय रणनीति है – वोट चोरी, सीट चोरी और चंदा चोरी. उन्होंने RSS पर भी निशाना साधा और कहा कि इस मुद्दे पर उसका बयान शर्मनाक और अपमानजनक था. रमेश ने PTI वीडियो से कहा कि चंदा चोरी हुई है, इसमें कोई शक नहीं है. RSS का बयान शर्मनाक और अपमानजनक है. ये वही लोग हैं जो दूसरों को ईमानदारी और राष्ट्रवाद का सर्टिफिकेट देने की कोशिश करते हैं और खुद ही बेहद शर्मनाक तरीके से पकड़े गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच की मांग
रमेश ने कहा कि हज़ारों करोड़ रुपये का चंदा हड़प लिया गया है. ज़ाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से इसकी जांच होनी चाहिए और सभी आरोपियों के खिलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी हैरान करने वाली है. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हम प्रधानमंत्री से बयान की उम्मीद करते हैं, जिन्होंने राम मंदिर बनाने और लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 22 जनवरी, 2024 को इसका उद्घाटन करने का श्रेय लिया था. इसके बाद वे अयोध्या में चुनाव हार गए. वे इस मामले पर पूरी तरह से चुप रहे हैं. रमेश ने कहा कि बीजेपी की रणनीति तीन हिस्सों वाली है: ‘वोट चोरी, सीट चोरी, चंदा चोरी’.
मोदी और शाह की खामोशी पर उठाया सवाल
उन्होंने कांग्रेस के चुनाव में गड़बड़ी के पुराने आरोपों और मध्य प्रदेश से उनकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने का ज़िक्र करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम याद कीजिए. सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था. इसमें सैकड़ों करोड़ रुपये जमा किए गए – ‘चंदा दो, धंधा लो’. तो यह पूरा ‘चंदे का धंधा’ बीजेपी के DNA का हिस्सा है. रमेश ने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए. रमेश ने कहा कि हम सब जानते हैं कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल सभी लोग इसलिए ट्रस्ट का हिस्सा हैं क्योंकि बीजेपी-आरएसएस उन पर भरोसा करते हैं. यह सोचना कि आरएसएस को पता नहीं था कि क्या हो रहा है, या यह सोचना कि पीएम और एचएम को पता नहीं था कि क्या हो रहा है, कल्पना से परे है.
करोड़ों रुपये हड़पने का दावा
हर कोई जानता था कि क्या हो रहा है. यह पूरा काम एक राजनीतिक काम था और चंदा व ट्रस्ट उसी का हिस्सा थे. कांग्रेस नेता ने पूछा कि निपेन्द्र मिश्रा, जो पीएम के प्रधान सचिव रह चुके हैं, क्या कर रहे थे. रमेश ने आरोप लगाया कि लोगों से हज़ारों करोड़ रुपये जमा किए गए और कई लोगों ने खुशी-खुशी दान दिया, लेकिन अब यह बात बिना किसी शक के साबित हो गई है कि बड़े पैमाने पर गबन हुआ है. रमेश ने कहा कि यह एक घोटाला है, जिसे BJP-RSS इकोसिस्टम ने अंजाम दिया है और इस पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह से चुप हैं. गबन का यह मामला तब सामने आया जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद 25 जून को FIR दर्ज की गई. इसके बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने बताया कि उनमें से छह लोगों के पास से अब तक लगभग 80 लाख रुपये नकद और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की गई है.
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