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Firozabad Snake Bite: उत्तर प्रदेश से एक हैरान के साथ मुसीबत वाली खबर सामने आई है. प्रदेश के फिरोजाबाद में एक ही दिन में करीब 5 से 6 लोगों को सांप ने डस लिया है. इस घटना से आसपास के क्षेत्र में डर का माहौल हो गया है.
हालांकि, पीड़ित के परिवार वाले बिना किसी डर के हिम्मत के साथ सांप को लेकर अस्पताल पहुंच गए, जहां एक समय के लिए डॉक्टर के होश उड़ गए. आइए जानते हैं क्या है पूरी खबर.
सांप को डिब्बे में बंद करके अस्पताल पहुंचा पिता
मिली जानकारी के अनुसार, यूपी के फिरोजाबाद में लगातार हो रही बारिश अब नई मुसीबत बनकर सामने आ रही है. इस बारिश के बीच फिरोजाबाद में सर्पदंश (सांप के काटने) की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. जिले में सिर्फ एक दिन में 5 से 6 लोगों को सांप ने डस लिया है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक पिता, जिनके बेटे को सांप ने काटा था, वह उस सांप को डिब्बे में बंद करके सरकारी ट्रॉमा सेंटर (अस्पताल) पहुंच गए. अस्पताल में अचानक सांप डिब्बे से बाहर निकल आया, जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई. वहीं, डॉक्टर के होश उड़ गए.
सरकारी अस्पताल पहुंचे पीड़ित
जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश के बीच फिरोजाबाद में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. रविवार को जिले के अलग-अलग इलाकों से 5 से 6 लोगों के सांप के काटने के मामले सामने आए. सभी घायलों (पीड़ितों) को समय रहते सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर- डॉक्टर
मक्खनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सांती की रहने वाली 55 वर्षीय बदामी देवी, बसई मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के अलादीपुरा निवासी 29 वर्षीय अमरावती, खैरगढ़ थाना क्षेत्र के पोपगढ़ की 36 वर्षीय मीता देवी और जाखई गांव के एक युवक समेत कई लोग सर्पदंश का शिकार हुए.
डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है. इन सभी मामलों में सबसे ज्यादा चर्चा जाखई गांव की रही. बेटे को जिस सांप ने काटा था, उसे पिता प्रेमपाल डिब्बे में बंद कर सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले आए, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही सांप अचानक डिब्बे से बाहर निकल आया. ट्रॉमा सेंटर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, प्रेमपाल ने हिम्मत दिखाते हुए दोबारा सांप को पकड़कर सुरक्षित डिब्बे में बंद कर दिया.
बारिश के मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत
ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर सिद्धार्थ अग्रवाल का कहना है कि बारिश के मौसम में बिलों और खेतों में पानी भर जाने के कारण सांप बाहर निकल आते हैं. ऐसे में खेतों में काम करने वाले और खुले में सोने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.
रविवार सुबह से अस्पताल में 5 से 6 सर्पदंश के मरीज पहुंचे हैं, जिनका एंटी-स्नेक वेनम और अन्य जरूरी दवाओं से उपचार किया जा रहा है.
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और घास वाले इलाकों में जाते समय सतर्क रहें. रात में बिना रोशनी के बाहर न निकलें और यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें. बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं.
वहीं, बारिश के साथ सर्पदंश के मामलों में बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और समय पर उपचार ही सर्पदंश से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.
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