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ईरान से डील कराने में मदद करेगा रूस

by Live India
ईरान से डील कराने में मदद करेगा रूस

Trump Putin Talk: रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 90 मिनट की लंबी बातचीत हुई है, जिसमें पुतिन ने ट्रंप के सामने ईरान युद्ध खत्म करने में मदद का प्रस्ताव रखा है.

30 अप्रैल, 2026

अमेरिका और ईरान का युद्ध अभी सीजफायर पर अटका हुआ है. पाकिस्तान दोनों के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हर बार बात ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर आकर रुक जाती है. बुधवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने युद्ध खत्म करने के मदद का प्रस्ताव रखा है. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर फोन कॉल के दौरान, पुतिन ने ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम से डील करने के लिए रूस की मध्यस्थता का अपना ऑफर फिर से दिया.

पुतिन करेंगे मदद?

ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने उनसे कहा कि वे ईरान युद्ध खत्म करने में मदद चाहते हैं, ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने पुतिन से कहा कि आगे किसी भी मदद पर बात करने से पहले वे यूक्रेन के साथ अपना युद्ध खत्म करें. मेरे लिए, यह ज़्यादा जरूरी होगा.” पुतिन ने ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाने का भी समर्थन किया है. इस बीच, क्रेमलिन ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के खिलाफ दुश्मनी फिर से शुरू होती है तो इसके ‘गंभीर नतीजे’ होंगे. पत्रकारों से बात करते हुए, प्रेसिडेंशियल एडवाइजर यूरी उशाकोव ने कहा कि पुतिन ने US प्रेसिडेंट से कहा था कि ईरानी इलाके में जमीनी ऑपरेशन पूरी तरह से मंजर नहीं है और यह खतरनाक होगा.

पहले भी हुई दोनों नेताओं में बात

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले से ही मदद करने के लिए तैयार थे, लेकिन कुछ लोगों ने इसमें रुकावट डाली. उन्होंने यह नहीं बताया कि वे लोग कौन थे, लेकिन उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई हल निकल सकता है. दोनों नेता यूक्रेनी और रूसी पावर प्लांट्स और न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर 30 दिनों के लिए हमले रोकने पर सहमत हुए. गुरुवार पुतिन और ट्रंप की बातचीत से साफ होता है कि अमेरिका के लिए इस समय रूस-यूक्रेन यद्ध खत्म करवाना ही प्राथमिकता है.

न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अटकी सूई

अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध का मुख्य कारण ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम ही है. ईरान इससे पीछे नहीं हटना चाहता और अमेरिका का एकमात्र लक्ष्य इस प्रोग्राम को रोकना है. 11 और 12 अप्रैल को हुई US-ईरान बातचीत का पहला राउंड फेल हो गया, क्योंकि ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका की शर्तें नहीं मानी, जिसके बाद मेजबान पाकिस्तान ने तनाव कम करने और बातचीत के दूसरे राउंड की उम्मीद जगाने के लिए कई डिप्लोमैटिक कोशिशें कीं. इसके बाद 27 अप्रैल, 2026 तक दूसरे दौर की बातचीत के लिए प्रयास किए गए, लेकिन तनाव और नई चेतावनियों के बीच ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा रद्द कर दी, जिससे दूसरे दौर की बातचीत नहीं हो पाई.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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