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Passport Racket Exposed: गाजियाबाद पुलिस ने पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक ही पते पर 25 पासपोर्ट बनवाए गए थे.
2 फरवरी, 2026
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. गाजियाबाद में फर्जी पासपोर्ट बनाने का रैकेट चलाया जा रहा था, जिसमें एक ही पते और एक ही नंबर पर 25 पासपोर्ट बनवाए गए. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यहां पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी पतों का इस्तेमाल करके दिल्ली पासपोर्ट ऑफिस से 25 पासपोर्ट धोखाधड़ी से हासिल कर रहा था. पुलिस ने पोस्टमैन समेत 26 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है और आगे की जांच कर रही है.
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब पिछले साल दिसंबर में रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर ने पुलिस को एक पत्र लिखकर संदिग्ध आवेदनों के बारे में बताया, जिनमें एक ही पते पर कई पासपोर्ट जारी किए गए थे और बार-बार एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था. पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि जांच में पता चला कि आवेदक पासपोर्ट आवेदनों में बताए गए पतों पर कभी नहीं रहते थे.
वीडियो | गाजियाबाद पुलिस आयुक्तालय में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) लिपि नगायच ने भोजपुर में उजागर हुए पासपोर्ट सत्यापन घोटाले के बारे में जानकारी दी।
वह कहती हैं, “जांच से पता चला है कि 24 पासपोर्ट एक ही पते और एक ही… का उपयोग करके बनाए गए थे।” pic.twitter.com/OIIgTGXf9s
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 2 फ़रवरी 2026
पोस्टमैन लेता था 2000 रुपए
DCP ने बताया कि अरुण कुमार नाम का पोस्टमैन इस रैकेट के साथ मिला हुआ था और दस्तावेजों को बताए गए पतों पर पहुंचाने के बजाय सीधे गैंग के सदस्यों को देने के लिए प्रति पासपोर्ट 2,000 रुपये लेता था. पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान अरुण कुमार ने पुलिस को बताया कि करीब पांच महीने पहले प्रकाश सुब्बा और विवेक नाम के दो लोगों ने उससे संपर्क किया और अगर वह पासपोर्ट उन्हें सौंपने के लिए सहमत होता है तो हर पासपोर्ट के लिए 2,000 रुपये देने की पेशकश की. तिवारी ने बताया कि खुफिया एजेंसियां भी इस रैकेट के पीछे के बड़े नेटवर्क की जांच कर रही हैं.
26 पर FIR
पुलिस ने बताया कि एक पोस्टमैन और एक महिला सहित 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसमें अमनप्रीत कौर, रितु शर्मा, जसप्रीत कौर, राजकुमारी दलजीत सिंह, मेघा राणा, यशोदा राय, शमशेर सिंह, बसंती राय, जीत कौर और पोस्टमैन अरुण कुमार का नाम शामिल है. अब तक पोस्टमैन सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. ये सभी पासपोर्ट अगस्त और सितंबर 2022 के बीच जारी किए गए थेॉ. शक है कि इन्हें देश में कोई बड़ा अपराध करने के लिए हासिल किया गया होगा, या फिर कोई गैंग नकली पासपोर्ट बनाने में शामिल है. पुलिस पासपोर्ट डिपार्टमेंट के साथ मिलीभगत की संभावना की भी जांच कर रही है.
समाचार स्रोत- प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया
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