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Dattatreya Hosabale : पाकिस्तान से बातचीत का रास्ता खोलने वाले बयान के बाद से दत्तात्रेय होसबले चर्चाओं में हैं. अब इस पर पाकिस्तान का भी बयान सामने आया है और उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की आवाज भारत में उठती है तो यह एक सकारात्मक पहल होगी.
15 मई 2026
दत्तात्रेय होसबले: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता दत्तात्रेय होसबले ने पाकिस्तान के साथ बातचीत का रास्ता खोलने को लेकर बयान दिया था. इस पर अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सामने आई है और उन्होंने इस बयान का स्वागत किया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान को एक सकारात्मक घटनाक्रम बताया और उम्मीद जताई की इस तरह की शांति वाली अपील भारत सरकार की तरफ से भी आएगी.
विस्तार से जानें क्या बोला पाकिस्तान?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरएसएस नेता होसबले के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच जुड़ाव का वकालत की थी. अंद्राबी ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि भारत में समझदारी आएगी और युद्धोन्माद की जो भावना बीते एक साल से पनप रही है उसमें कहीं न कहीं नरमी आएगी. साथ ही उम्मीद है कि भारत सरकार इस तरह की दूसरी आवाजों के लिए भी रास्ता खोलेगी.
भारत की तरफ से आधिकारिक बयान का इंतजार
अंद्राबी ने भारत में इस तरह की आवाजों को सकारात्मक घटनाक्रम बताया. हालांकि, अभी इस्लामाबाद धैर्य बनाकर सभी एंगल से देख रहा है. इसके अलावा पाकिस्तान अभी किसी कदम को उठाने से पहले भारत की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है. वहीं, पीसी के दौरान जब अंद्राबी से सवाल पूछा गया कि बैक चैनल से किया भारत से बातचीत चल रही है इस पर उन्होंने कहा कि इसके बारे में मुझे कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. पाकिस्तान के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मैं उन मामलों पर कोई रिएक्शन नहीं देना चाहता हूं और अगर मैं सभी बातों को बता देता हूं तो फिर बैक चैनल वाली कोई बात नहीं रहेगी.
जानें क्या बोले दत्तात्रेय होसबले
RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबले का बयान सुर्खियों में है. उन्होंने पाकिस्तान को लेकर कहा है कि हमें दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए. हमें हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए. जब होसबले से पूछा गया कि भारत को पाकिस्तान से कैसे निपटना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान पुलवामा जैसी घटनाएं पैदा करने की कोशिश कर रहा है, तो हमें स्थिति के अनुसार उचित जवाब देना होगा, क्योंकि किसी देश और राष्ट्र की सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा करना जरूरी है और मौजूदा सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और इसका ख्याल रखना चाहिए. उन्होंने आगे कहा, साथ ही हमें बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए और हमें हमेशा संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए. यही वजह है कि राजनयिक संबंध कायम हैं, व्यापार और वाणिज्य जारी है. साथ ही वीजा भी दिए जा रहे हैं. इसलिए हमें इन्हें रोकना नहीं चाहिए, क्योंकि बातचीत के लिए हमेशा एक रास्ता खुला रहना चाहिए.
समाचार स्रोत: पीटीआई
