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चंपत और अनिल का इस्तीफा मंजूर

by Live India
चंपत और अनिल का इस्तीफा मंजूर

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक: राम मंदिर चढ़ावा मामले के बीच आज दोपहर में अयोध्या में ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट की एक बड़ी बैठक हुई. ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में करीब 3 घंटे 20 मिनट तक चली इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई और कई बड़े फैसले लिए गए. उन्होंने कहा कि जो पाप से जुड़ा है, उसे सजा दिलाएंगे.

इस दौरान की सबसे बड़ी खबर यह आई है कि बैठक में ट्रस्ट के द्वारा महासचिव पद से चंपत राय के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है. ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के भी इस्तीफे की भी मंजूरी मिल गई है. हालांकि, ये दोनों बैठक में शामिल नहीं हुए थे. वहीं, ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है. बैठक के बाद ट्रस्ट की ओर से प्रेस रिलीज भी जारी की गई है.

रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची- ट्रस्ट

मिली जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट की बैठक में ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि जनभावना को देखते हुए त्यागपत्र स्वीकार किया जाए. जो हुआ वह बिल्कुल स्वीकार करने लायक नहीं है, इससे हम सभी आहत हैं.
वहीं, कुछ सदस्यों ने कहा कि लापरवाही में घटना हुई है. रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है. इसके लिए ट्रस्ट खेद प्रकट करता है.

कौन हैं कृष्ण मोहन?

बैठक में फैसला लिया गया है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने तक ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट न्यास का कामकाज देखेंगे. ट्रस्ट की बैठक के बाद जारी प्रेस रिलीज में कहा कहा, “न्यास की बैठक में नए महामंत्री की नियुक्ति होने तक ट्रस्टी श्री कृष्ण मोहन जी को महामंत्री के कार्यों का निष्पादन करने को कहा गया है जो उन्होंने स्वीकार किया है.”

कृष्ण मोहन की बात करें तो यह ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के ट्रस्टी रहे हैं. राम मंदिर चढ़ावा मामले में जिन आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसे कृष्ण मोहन ने ही कराई थी. ये भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं.

वर्तमान में आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश के संघचालक हैं. अब इन्हें ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय के इस्तीफे के बाद ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.

राम मंदिर चढ़ावा मामला

बता दें कि अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन का मामला 7 जून को सामने आया था. उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई. मंदिर की दान-काउंटिंग प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है.

प्रदेश की योगी सरकार ने एसआईटी की जांच को 15 दिन और बढ़ा दी है और आगामी 15 जुलाई को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश है. इस बीच ट्रस्ट की इस बैठक ने सभी की निगाहें अपनी ओर खींची है.

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