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US Advisory to Americans: अमेरिका ने एडवायजरी जारी कर ईरान में रहने वाले अमेरिकी नागिरकों से कहा है कि वे तुरंत ईरान छोड़ दें और आर्मेनिया या तुर्की चले जाएं.
13 जनवरी, 2026
अमेरिकियों के लिए अमेरिकी सलाह: ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार हिंसक होते जा रहे हैं. इस हिंसा में अब तक 645 लोगों की मौत हो गई है. अमेरिका ने ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिको की सुरक्षा के लिए एडवायजरी जारी की है. एडवायजरी में उनसे तुरंत ईरान छोड़ने का आदेश दिया गया है. ईरान में USA की वर्चुअल एम्बेसी की तरफ़ से जारी एक एडवाइज़री में कहा गया है “अभी ईरान छोड़ दो.”
‘आर्मेनिया या तुर्की चले जाइए’
एडवायजरी में कहा गया है “पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक हो सकते हैं, जिससे गिरफ़्तारी हो सकती है और लोग घायल हो सकते हैं. सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, सड़कें बंद करना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में रुकावटें और इंटरनेट पर रोक जारी है. ईरान सरकार ने मोबाइल, लैंडलाइन और नेशनल इंटरनेट नेटवर्क तक पहुंच पर रोक लगा दी है. एयरलाइंस ईरान आने-जाने वाली फ़्लाइट्स को कम या कैंसिल कर रही हैं, कई ने शुक्रवार, 16 जनवरी तक सर्विस रोक दी है. U.S. नागरिकों को इंटरनेट में रुकावट जारी रहने के लिए तैयार रहना चाहिए, बातचीत के दूसरे तरीकों के बारे में सोचना चाहिए और अगर ऐसा करना सुरक्षित हो, तो ईरान से जमीन के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की जाने के बारे में सोचना चाहिए.”
ईरान में संयुक्त राज्य अमेरिका के आभासी दूतावास द्वारा जारी एक सलाह में कहा गया है: “अब ईरान छोड़ दें।”
“पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गिरफ्तारियां और चोटें हो सकती हैं। सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए, सड़कें बंद की गईं, सार्वजनिक परिवहन बाधित हुआ और इंटरनेट… pic.twitter.com/t7V0LLdbMd
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 13 जनवरी 2026
अमेरिकी पासपोर्ट से बढ़ सकता है खतरा
अमेरिकी-ईरानी डुअल नेशनेल वाले लोगों को ईरानी पासपोर्ट पर ईरान छोड़ना होगा. ईरानी सरकार डुअल नेशनेलिटी को मान्यता नहीं देती है और अमेरिकी-ईरानी डुअल नेशनेल वालों को सिर्फ ईरानी नागरिक ही मानेगी. U.S. नागरिकों को ईरान में पूछताछ, गिरफ़्तारी और हिरासत में लिए जाने का काफी खतरा है. अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या यूनाइटेड स्टेट्स से कनेक्शन दिखाना ईरानी अधिकारियों के लिए किसी को हिरासत में लेने के लिए काफी वजह हो सकती है.
ईरान को ट्रंप की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार तेहरान को मिलिट्री एक्शन की धमकी दी है. अगर उनके एडमिनिस्ट्रेशन को पता चला कि इस्लामिक रिपब्लिक सरकार विरोधी प्रोटेस्ट करने वालों के खिलाफ जानलेवा ताकत का इस्तेमाल कर रहा है, तो वह ईरान पर हमला करेगा. यह एक रेडलाइन है जिसके बारे में ट्रंप का कहना है कि उन्हें लगता है कि ईरान सारी हदें पार कर रहा है और इसने उन्हें और उनकी नेशनल सिक्योरिटी टीम को बहुत मजबूत ऑप्शन पर सोचने पर मजबूर कर दिया है. ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत पर गुस्सा जताया और सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए मिलिट्री एक्शन की धमकी दी.
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