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दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद: 20 जुलाई को राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘चलो संसद’ मार्च उग्र हो गया था. संसद भवन के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को लाठीचार्ज करने पड़े थे और आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे. इस दौरान प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी दोनों ओर से कई लोग जख्मी हुए थे. राजधानी में सुरक्षा को देखते हुए 20 जुलाई को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कुल 5 मेट्रो स्टेशनों को कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया था.
वहीं, 21 जुलाई को सीजेपी के सपोर्ट और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस, सपा समेत विपक्ष के कई नेता केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध करने लगे और नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने लगे. इस बीच सुरक्षा को देखते हुए 22 जुलाई को दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया था. वहीं, आज 23 जुलाई को एक बार फिर से दिल्ली के करीब 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है.
सेवा अद्यतन
नीचे दिए गए मेट्रो स्टेशन अगले निर्देश तक सुबह 07:30 बजे से बंद रहेंगे। हालाँकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी।
1. लोक कल्याण मार्ग
2. राजीव चौक
3. पटेल चौक
4. Ramakrishna…– दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (@OfficialDMRC) 23 जुलाई, 2026
ये 16 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बताया कि सुरक्षा कारणों से गुरुवार सुबह राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेट्रिएट, मंडी हाउस, ITO और खान मार्केट समेत दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. यह कदम जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में भीड़ बढ़ने के बाद उठाया गया है. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेट्रिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी. यात्री यहां अंदर-अंदर ही एक मेट्रो से दूसरी मेट्रो को बदल सकते हैं.
DMRC ने अपनी एक एक्स पोस्ट में कहा, “लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेट्रिएट, ITO, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है.”
सोनम वांगचुक कब तोड़ेंगे अनशन?
वहीं, शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 26वां दिन है. उनका स्वास्थ्य दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहा है. 20 जुलाई को दिल्ली में हुए बवाल के बाद भी उन्होंने अपना अनशन जारी रखा है. अब सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने हड़ताल खत्म करने के लिए शर्त रखी है. उन्होंने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार उन्हें भरोसा दिलाए कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी और उनके खिलाफ कोई एफआईआर या दूसरी सजा वाली कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को खत्म कर देंगे.
बता दें कि सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में बीते 28 जून से सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे. उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस उन्हें प्रदर्शन वाले स्थान से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दी थी. पुलिस ने बताया था कि वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, इस दौरान सोनम की पत्नी गीतांजलि ने कहा था कि उन्हें सफदरजंग सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं है इसलिए कोर्ट से आदेश लेकर वांगचुक को उन्होंने मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया. फिलहाल सोनम वांगचुक गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं.
सोनम वांगचुक ने बताया कब तोड़ेंगे भूख हड़ताल, 24 दिन के अनशन में घटा 11 किलो वजन
समाचार स्रोत: पीटीआई
