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एमएनएफ: मिज़ोरम की मुख्य विपक्षी पार्टी मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल (FCRA) में प्रस्तावित बदलावों का कड़ा विरोध किया है. पार्टी ने राज्य के सांसदों से संसद में इसके खिलाफ वोट करने की अपील की है. MNF केंद्र में BJP के नेतृत्व वाले NDA की सहयोगी पार्टी है. विवादित ‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल’ (विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक) बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था. अब इसे संसद के मॉनसून सत्र में विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है.
सांसदों से खिलाफ में वोट करने की अपील
ईसाई बहुल राज्य में इस बात को लेकर चिंता है कि ‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल’ का प्रस्तावित स्वरूप अल्पसंख्यक संस्थानों खासकर ईसाइयों के संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लिए नुकसानदेह है. मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) के उपाध्यक्ष लालछंदामा राल्ते ने कहा कि पार्टी इन प्रस्तावित बदलावों को चर्चों, NGOs, शैक्षणिक संस्थानों और विदेशी मदद पर निर्भर धर्मार्थ संगठनों के लिए एक गंभीर खतरा मानती है. उन्होंने कहा कि मिज़ो नेशनल फ्रंट FCRA संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी. हमें उम्मीद है कि लोकसभा और राज्यसभा में राज्य के सांसद इसका कड़ा विरोध करेंगे और वोटिंग के दौरान सिर्फ़ तटस्थ नहीं रहेंगे. मिज़ोरम से लोकसभा और राज्यसभा में एक-एक सांसद हैं और दोनों ही सत्ताधारी ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM) से हैं.
विदेशी योगदान लेना हो जाएगा कठिन
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता राल्ते ने कहा कि कानून में प्रस्तावित बदलावों से संगठनों के लिए विदेशी योगदान प्राप्त करना काफी मुश्किल हो जाएगा, जिससे मिज़ोरम में स्कूलों, अनाथालयों और अन्य संस्थानों पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ईसाई होने के नाते हम इन संशोधनों का कड़ा विरोध करते हैं क्योंकि लोगों की सेवा करने वाले संस्थानों पर इनका दूरगामी असर पड़ेगा. MNF के वरिष्ठ नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून विदेशी फंड के नियमन को और अधिक केंद्रीकृत करेगा, साथ ही संगठनात्मक संपत्तियों से संबंधित कड़े प्रावधान भी लागू करेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी पहले ही अपना विरोध सार्वजनिक कर चुकी है.
मिजोरम सरकार केंद्र को सौंपेगी ज्ञापन
कहा कि MNF अध्यक्ष ज़ोरमथांगा, जो अभी नई दिल्ली में हैं, केंद्र के वरिष्ठ नेताओं के सामने भी यह मुद्दा उठाएंगे. लालछंदामा ने नागालैंड और मेघालय सरकारों के प्रयासों का भी ज़िक्र किया और कहा कि उनके मुख्यमंत्रियों ने प्रस्तावित संशोधनों पर अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए चर्च के प्रतिनिधियों के साथ नई दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है. लालछंदामा ने कहा कि मिज़ोरम को भी इसी तरह का रुख अपनाना चाहिए.अधिकारियों ने बताया कि मिज़ोरम सरकार केंद्र को एक ज्ञापन सौंपने की योजना बना रही है, जिसमें प्रस्तावित संशोधन को लेकर अपनी चिंता और उसमें किए जाने वाले बदलावों का जिक्र किया गया है.
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