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सीजेपी विरोध: नीट पेपर लीक विवाद को लेकर बीते कई हफ्तों से चल रहे प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. सोशल मीडिया पर इस इस्तीफे को युवा की जीत बताया जा रहा है और उनके संघर्ष को सलाम किया जा रहा है. इसी बीच जंतर मंतर पर लोगों को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर हिंदू-मुस्लिम की राजनीति न हो और सिर्फ मुद्दों पर आधारित राजनीति हो तो बड़े-बड़े सिंहासन हिल जाएंगे. साथ ही जब हम हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर मुद्दों पर बात करेंगे. अगर देश में ऐसा होगा तो देश के लिए अच्छा होगा.
यह लोकतंत्र की जीत : वांगचुक
वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस जीत को सराहा. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट की और उसमें लिखा कि यह लोकतंत्र की जीत है. सीधा लोकतंत्र, जो सड़कों से निकला है. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. उन्होंने यह भी कहा कि CJP और देश की Gen-Z को बधाई. उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई. जवाबदेही से अब सुधार की ओर है.
वीडियो | दिल्ली: जंतर-मंतर पर एक सभा को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत डुबके कहते हैं, “अगर हिंदू मुस्लिम राजनीति नहीं होगी, अगर केवल मुद्दों पर आधारित राजनीति होगी, तो बड़े-बड़े सिंहासन हिल जाएंगे। जब हम हिंदू और मुस्लिम राजनीति से ऊपर उठकर मुद्दों पर बात करेंगे तो… pic.twitter.com/ZBE5dlx0V9
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 25 जुलाई, 2026
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हमारे देश के युवाओं को बधाई
शिक्षा मंत्री पद से प्रधान के इस्तीफे के बाद सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की भी प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है. इसी कड़ी में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप सभी को बधाई. हमारे देश के युवाओं को बधाई. यह बहुत खुशी की बात है कि आपके संघर्ष का फल मिला है. आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. यह हमारे लोकतंत्र की बड़ी जीत है. हमारे देश के लोगों का लोकतंत्र से भरोसा उठने लगा था. उन्हें लगता था कि सरकारें सुनती नहीं हैं. लोग सरकार के सामने अपनी आवाज उठाते थे और हाथ जोड़कर गुहार लगाते थे, लेकिन सरकार कभी नहीं सुनती थी.
युवाओं की जीत है : प्रियंका
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मैं कई वजहों से बहुत खुश हूं. लेकिन मुख्य वजह यह है कि मेरा मानना है कि 25 जुलाई का दिन वह दिन है जब हमारे देश के लोगों ने उन लोगों से अपना देश वापस लेना शुरू कर दिया है जिन्होंने संविधान को नष्ट करने की कोशिश की है. उन्होंने हमारे लोगों की आवाज को दबाने और कुचलने की हर मुमकिन कोशिश की है. मेरा मानना है कि यह भारत के युवाओं की जीत है.
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