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बिजली विभाग ने वसूला फ्यूल सरचार्ज

by Live India
बिजली विभाग ने वसूला फ्यूल सरचार्ज

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यूपी समाचार: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है. मई महीने के बिजली बिल जून में आने के साथ ही उपभोक्ताओं के बिलों में 10 फीसदी तक फ्यूल सरचार्ज जोड़ दिया गया है. जबकि इस मुद्दे पर पहले से ही विवाद चल रहा है और विद्युत नियामक आयोग ने फ्यूल सरचार्ज को असंवैधानिक बताया था. राजधानी लखनऊ में उपभोक्ता बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं. बढ़ते बिलों से परेशान उपभोक्ताओं पर अब फ्यूल सरचार्ज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ गया है. मई महीने का बिल जून में आने के साथ ही बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिलों में 10 प्रतिशत तक फ्यूल सरचार्ज जोड़ दिया गया है. इससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है.

फ्यूल सरचार्ज हटाने की मांग

राजधानी लखनऊ के विभिन्न इलाकों से उपभोक्ता बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं और फ्यूल सरचार्ज हटाने की मांग कर रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें पहले कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई और अचानक बिलों में अतिरिक्त राशि जोड़ दी गई. राजाजीपुरम कालोनी में रहने वाले विजय वर्मा कहते हैं कि मेरे यहां सोलर सिस्टम लगा हुआ है. पहले 200 से 250 रुपये तक बिल आता था, लेकिन इस बार दो से ढाई हजार रुपये तक बिल आ गया है. फ्यूल सरचार्ज के नाम पर अतिरिक्त पैसा लिया जा रहा है. सरकार को इस पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए और नियम के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए.

पावर कॉरपोरेशन पर मनमानी का आरोप

इंदिरा नगर निवासी दिलीप सिंह का कहना है कि उनके बिल में करीब 500 रुपये विद्युत अधिभार के रूप में जोड़े गए हैं. शिकायत लेकर विभाग पहुंचे तो अधिकारियों ने इसे जमा करने की बात कही. जब नियामक आयोग में इस मामले पर रोक की बात कही जा रही है तो फिर बिल में यह राशि क्यों जोड़ी गई है. विभाग कह रहा है कि पैसा देना ही पड़ेगा. सरकार और आयोग को इस पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए. उधर विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन पर मनमानी का आरोप लगाया है.

परिषद का दावा है कि यदि वसूली नियमों के विरुद्ध पाई गई तो उपभोक्ताओं से ली गई राशि वापस करानी होगी. पावर कॉरपोरेशन ने दादागिरी करते हुए यह वसूली शुरू की है. जो भी अतिरिक्त पैसा लिया जा रहा है, उसे वापस करना होगा. हम उपभोक्ताओं की लड़ाई लड़ रहे हैं और नियामक आयोग में मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे. चाहे लड़ाई लंबी चले, जीत उपभोक्ताओं की होगी. वहीं सरकार का कहना है कि जनता के हित सर्वोपरि हैं. सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर उचित निर्णय लिया जाएगा.

सरकार करेगी विचार

मंत्री नरेंद्र कश्यप का कहना है कि सरकार ने जनता की मांग पर स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी निर्णय लिया था. यदि 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को लेकर जनता में असंतोष है तो सरकार इस पर भी विचार करेगी. जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है. अब सबकी निगाहें विद्युत नियामक आयोग के अगले फैसले पर टिकी हैं. यदि आयोग उपभोक्ताओं के पक्ष में फैसला देता है तो लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है. फिलहाल बढ़े हुए बिजली बिलों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है.

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