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आईपीएल 2026: दुनिया की सबसे पॉपुलर लीग IPL पर हर एक प्लेयर की निगाह टिकी रहती है और वह इसमें खेलने का भी एक मौका ढूंढते रहते हैं. हालांकि, कई दफा यह भी शिकायत मिलती है कि नीलामी के दौरान विदेशी खिलाड़ियों पर बोली तो लगा दी जाती है, लेकिन बाद में वह कोई न कोई बहाना बनाकर लीग से हट जाते हैं. वहीं, जब अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की तरफ से टूर्नामेंट को बीच में छोड़ने की खबरें सामने आने लगी तो BCCI ने भी सख्त नियम बनाना शुरू कर दिया. इसी बीच विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी का मुद्दा पंजाब किंग्स के को-ओनर मोहित बर्मन ने भी उठाया है. उन्होंने कहा कि BCCI, विदेशी बोर्ड और दूसरे स्टेकहोल्डर्स इस बात को तय करें कि IPL में विदेशी खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट में मौजूद रहे.
स्टार खिलाड़ियों का बना हुआ है मुद्दा
BCCI ने उन विदेशी खिलाड़ियों पर दो साल के लिए प्रतिबंध लगा रखा है जो नीलामी में खरीदे जाने के बाद IPL से हट जाते हैं. हालांकि, आईपीएल ने इस मामले में चोटिल क्रिकेटरों को छूट दे रखी है. फिर भी विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी एक मुद्दा बनी हुई है. उदाहरण के लिए मिचेल स्टार्क को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस सीजन के टूर्नामेंट के सिर्फ दूसरे हाफ के लिए मंजूरी दी थी और तब तक दिल्ली कैपिटल्स का भविष्य लगभग तय हो चुका था. पैट कमिंस और जोश हेजलवुड भी चोटों की वजह से टूर्नामेंट के पहले दिन से ही अपनी-अपनी टीमों में शामिल नहीं हो पाए थे.
प्लानिंग पर पड़ता है असर
वहीं, PTI से बात करते हुए बर्मन ने कहा कि संवेदनशील मुद्दा यह है कि इंटरनेशनल क्रिकेट का कैलेंडर बहुत ज्यादा व्यस्त होता है. साथ ही नेशनल बोर्ड के प्रति भी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं. लेकिन आदर्श रूप से जब कोई खिलाड़ी किसी फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ता है तो उसकी उपलब्धता को लेकर जितनी हो सके उनती स्पष्टता होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर फ्रैंजाइजी के नजरिए से देखें तो कोई स्टार खिलाड़ी ऑक्शन के बाद टीम से नहीं जुड़ता है तो पूरी प्लानिंग मुश्किल में पड़ जाती है.
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आपसी सहयोग से निकले समाधान
इसके अलावा क्रिकेट फैंस भी सीजन की शुरुआत से ही विदेशी खिलाड़ियों को खेलते हुए देखना काफी पसंद करते हैं. बर्मन ने कहा कि मेरा मानना है कि इसका समाधान टकराव के बजाय आपसी सहयोग से निकलना चाहिए. BCCI, फ़्रैंचाइजियों, खिलाड़ियों और इंटरनेशनल बोर्ड्स सभी को मिलकर इस पर विचार करके समाधान ढूंढना चाहिए. बता दें कि इस महीने की शुरुआत में जब दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमांग बदानी से पूछा गया तो उन्होंने खिलाड़ियों की मौजूदगी को लेकर निराशा व्यक्त की थी. खासकर तब जब टीम का कोई सदस्य मिचेल स्टार्क जैसा खिलाड़ी हो. उन्होंने कहा था कि मैं चाहूंगा कि मेरे खिलाड़ी पहले दिन से मेरे सामने उपलब्ध हों.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
