4
Rahul Loksabha: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से वे बहुत उत्साहित और आश्वस्त महसूस कर रहे हैं. उन्होंने इसे युवाओं की आवाज़ बताया. ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर बहस में हिस्सा लेते हुए गांधी ने कहा कि देश के भविष्य ने सड़कों पर जो किया, उससे मैं बहुत उत्साहित और आश्वस्त हुआ. यह गुस्सा, हिंसा या नफ़रत नहीं थी, बल्कि यह देश के युवाओं, देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी भावनाएं और उनकी आवाज़ थी. इस दौरान लोकसभा में बहस के दौरान रिजिजू ने असंसदीय भाषा पर आपत्ति जताई. जिस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया.
छात्रोंं से की जाए बातचीतः राहुल
राहुल ने कहा कि सभी पार्टियों को, जिसमें BJP के मेरे साथी भी शामिल हैं, इस भावना का सम्मान करना चाहिए. अगर BJP के मेरे साथी अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन क्या कर रहे थे, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन मिलेगा. जो हुआ उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए. गांधी ने कहा कि छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत से उन्हें यह समझने में मदद मिली कि युवा शिक्षा और ज्ञान को किस नज़रिए से देखते हैं. उन्होंने कहा कि छात्रोंं से बातचीत की जाए. राहुल ने कहा कि मैंने कुछ छात्रों और युवा लड़कियों के साथ बातचीत की थी, जिससे मुझे एक बहुत ही दिलचस्प नज़रिया मिला.
उस बातचीत को याद करते हुए गांधी ने कहा कि उन्होंने एक छात्रा से पूछा कि छात्र होने का क्या मतलब है. मैंने उस लड़की से पूछा कि तुमने कहा कि तुम एक छात्रा हो – तो इसका क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि तुम कॉलेज या स्कूल में पढ़ती हो, किताबें पढ़ती हो? उन्होंने कहा कि छात्र वह होता है जिसका मन और दिल खुला होता है. छात्र वह है जो यह मानता है कि उसे सब कुछ नहीं पता है. जो कुछ भी वह जानता है, उसकी जगह नई जानकारी ले लेगी. वह जानता है कि ब्रह्मांड गतिशील है. वह यह भी समझता है कि ज्ञान लगातार बदलता रहता है. उन्होंने कहा कि छात्र का सबसे महत्वपूर्ण गुण विनम्रता है.
राहुल की टिप्पणी से सदन में हंगामा
गांधी ने कहा कि उस छात्र ने लोगों की एक और श्रेणी का भी वर्णन किया, जो मानते थे कि वे सब कुछ जानते हैं. उन्हें पूरा यकीन होता है कि वे सब कुछ जानते हैं. वे मानते हैं कि ब्रह्मांड स्थिर है और उनका मानना है कि ज्ञान उनके भीतर से ही निकलता है. वे अहंकारी होते हैं. वे सुनते नहीं हैं, वे दूसरों के सच का सम्मान नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि मैं उन्हें मूर्ख कहता हूं. इस टिप्पणी से सदन में हंगामा मच गया और स्पीकर ओम बिरला ने गांधी से बहस पर ध्यान केंद्रित करने को कहा.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने असंसदीय शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई. गांधी ने कहा कि वह यह शब्द एक छात्र के संदर्भ में कह रहे थे और सदन के किसी सदस्य का जिक्र नहीं कर रहे थे. बिरला ने कहा कि असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया जाएगा. गांधी ने आगे कहा कि उस छात्र ने उन्हें बताया कि छात्र की पहचान यह है कि वह सच को अपने सीने में रखता है जबकि दूसरी श्रेणी के लोगों को एक छवि बनाने की जरूरत होती है. गांधी ने कहा कि मैंने तीसरी श्रेणी ‘अंधभक्त’ के बारे में पूछा. उन्हें पूरा यकीन है कि वह मूर्ख व्यक्ति भगवान है.
लोकसभा में अखिलेश यादव ने कहा- बीजेपी राज में शिक्षा-परीक्षा सब खत्म, छात्रों के आगे झुकी सरकार
समाचार स्रोत: पीटीआई
