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हजारों लोगों की जा चुकी है जान

by Live India
हजारों लोगों की जा चुकी है जान

जापान भूकंप का इतिहास: मंगलवार देर शाम को जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू का कुमामोटो इलाका उस समय कांप उठा, जब वहां 7.1 तीव्रता का भूकंप आया. यह भूकंप इतना भयावह और तीव्र था कि इससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है. भूकंप के कारण एक शॉपिंग सेंटर का हिस्सा और पेपर फैक्ट्री की एक बड़ी चिमनी ढह गई. इतना ही नहीं, इस भूकंप की वजह से कुमामोटो प्रांत के यात्सुशिरो में एक पुल का हिस्सा गिर गया.

वहीं, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने कहा कि दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुछ हिस्सों में आए जबरदस्त भूकंप ने नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि इस भूकंप में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और बुधवार सुबह भी लापता लोगों के लिए बचाव कार्य जारी है.

जापान के इस भूकंप ने हाल ही में वेनेजुएला में आए उस विनाशकारी भूकंप की याद ताजा कर दी है, जिसमें अब तक 5000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. यह भूकंप इतना खतरनाक था कि अभी भी कुछ इलाकों में राहत और मलबे को हटाने का काम चल रहा है.

मंगलवार देर शाम जापान में आए इस भूकंप ने यहां बीते वर्षों में आए भूकंपों की बात करने पर लोगों को मजबूर कर दिया है. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि जापान को भूकंप का दंश झेलना पड़ रहा है. इससे पहले भी जापान में कई विनाशक भूकंप आ चुके हैं, जिसमें हजारों लोगों की जाने जा चुकी हैं. हम जापान में भूकंपों के इतिहास की बात करेंगे, लेकिन उससे पहले हाल ही में यहां आए भूकंप और इससे प्रभावित इलाकों की कुछ अपडेट्स जान लेते हैं.

7.1 तीव्रता वाले भूकंप से कांपी जापान की धरती, अब तक 13 लोगों की मौत; इमारतें हुईं जमींदोज!

जापान में 7.1 तीव्रता वाला भूकंप

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी जापान में आए एक शक्तिशाली भूकंप के बाद, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए और कई लापता हो गए, बुधवार को सैनिक और आपातकालीन कर्मी बुरी तरह क्षतिग्रस्त शॉपिंग मॉल और ढह चुके घरों में फंसे जीवित लोगों की तलाश कर रहे थे. क्यूशू के दक्षिणी मुख्य द्वीप पर स्थित कुमामोटो क्षेत्र में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप के एक दिन बाद भी बुलेट ट्रेन सेवाएं और हवाई अड्डे के कुछ संचालन निलंबित रहे और नुकसान का आकलन अभी भी जारी था.

लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास- पीएम ताकाइची

प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा, “अभी भी कई लोग बचाए जाने का इंतजार कर रहे हैं, और यह समय के साथ एक दौड़ है.” उन्होंने आगे कहा, “हम यथासंभव अधिक से अधिक लोगों को ढूंढने और बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.”

सरकारी प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने पत्रकारों को बताया कि लगभग 36,900 घरों में अभी भी बिजली नहीं है, 9500 घरों में गैस नहीं है और कुछ क्षेत्रों में संचार नेटवर्क काम नहीं कर रहे हैं.

9,000 से अधिक लोग अपने घर छोड़कर 500 से अधिक आश्रय स्थलों में रहने लगे हैं, और उन्होंने कहा कि बिजली के स्रोत जोड़े जा रहे हैं ताकि निकासी केंद्रों में एयर कंडीशनिंग की सुविधा हो सके. जापान में भीषण गर्मी पड़ रही है, और क्षेत्र में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने का अनुमान है.

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एयॉन मॉल का हिस्सा और कंपनी की चिमनी धड़ाम

जापान की सेल्फ डिफेंस फोर्सेज ने काशिमा शहर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए एयॉन मॉल में बचाव और खोज अभियान में बचाव कर्मियों का साथ दिया. गैस रिसाव के कारण हुए विस्फोट के बाद इमारत की दूसरी मंजिल ढह गई, जिससे लोग फंस गए. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि कितने लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं.

पीएम ताकाइची ने कहा कि संघीय सरकार प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने की तैयारी कर रही है. उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना और उनके परिजनों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए भूकंप से प्रभावित लोगों से आग्रह किया कि वे भीषण गर्मी में अपना ख्याल रखें.

मिली जानकारी के अनुसार, कुमामोटो किले की पत्थर की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं, जो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और 2016 के भूकंप में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और जिसकी मरम्मत अभी भी जारी है. मिफुने नगर पालिका के एक अधिकारी हिरोकी शिमोडा ने कहा, “कंपन ने मुझे 10 साल पहले आए कुमामोटो भूकंप की याद दिला दी और मैं डर गया.” मालूम हो कि 2016 में कुमामोटो में एक घातक भूकंप आया था जिसमें कम से कम 50 लोग मारे गए थे.

दुनिया के विनाशकारी भूकंपों का गढ़ जापान!

दुनिया के कई हिस्सों और देशों में विनाशकारी भूकंपों का इतिहास रहा है. इनमें से जापान भी एक ऐसा ही देश है, जहां कई बार विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं. इन भूकंपों के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की जाती है. कई बार ऐसा हुआ है कि, जितना नुकसान भूकंप से नहीं होता उससे कहीं अधिक नुकसान उसके बाद आई सुनामी से हो जाता है.

मंगलवार देर शाम जापान में आए 7.1 तीव्रता वाले भूकंप के बाद भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन कुछ देर बाद इसे हटा लिया गया था. मतलब कि अभी जापान में कोई सुनामी की चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं है. यहां हम दुिनया के सबसे विनाशकारी भूकंपों के बारे में बात कर रहे हैं, जिनमें चर्चा जापान के भूकंपों की हो रही है.

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भूकंप में 20 हजार से अधिक लोगों की मौत

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के वैज्ञानिकों के अनुसार, 11 मार्च 2011 को जापान में 9.0 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था. यह जापान के आधुनिक इतिहास में अभूतपूर्व और अधिक तबाही मचाने वाला था. USGS के रिसर्च जियोफिजिसिस्ट बिल एल्सवर्थ ने कहा, “यह एक बहुत बड़ा भूकंप था – अब तक रिकॉर्ड किए गए सबसे बड़े भूकंपों में से एक” और जापान में आया अब तक का सबसे बड़ा भूकंप जिसे इंस्ट्रूमेंट से रिकॉर्ड किया गया.

यह भूकंप प्रशांत और उत्तरी अमेरिकी विवर्तनिक प्लेटों की सीमा बनाने वाली एक छिद्र रेखा पर आया था. इस क्षेत्र में, प्रशांत प्लेट उत्तरी अमेरिकी प्लेट के नीचे पश्चिम की ओर खिसक रही है (जिसका “सबडक्शन” हो रहा है), जिस पर उत्तरी जापान स्थित है. यह खिसकाव लगभग 80 मिमी (3 इंच) प्रति वर्ष की दर से हो रहा है और जापान ट्रेंच से शुरू होता है.

11 मार्च की सुनामी ने प्रशांत महासागर बेसिन में तबाही मचाई और कैलिफोर्निया के क्रिसेंट सिटी और सांता क्रूज जैसे दूर-दराज के बंदरगाहों को भी नुकसान पहुंचाया, लेकिन सबसे विनाशकारी प्रभाव “स्थानीय” सुनामी से हुए, जिसकी पहली लहर भूकंप के 10 मिनट के भीतर ही जापान के उत्तरपूर्वी तट तक पहुंच गई थी.

इस स्थानीय सुनामी के कई ऑनलाइन वीडियो उपलब्ध हैं जिनमें काला पानी कस्बों और खेतों में घुसता हुआ, इमारतों को कुचलता हुआ और कारों व घरों समेत मलबे के बड़े-बड़े ढेरों को बहा ले जाता हुआ दिखाई देता है. न्यूज रिपोर्टों में 30 से 40 फीट ऊंची पानी की दीवारों और 10 किलोमीटर (6 मील) तक अंतर्देशीय लहरों के पहुंचने की बात कही गई.

विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार, 11 मार्च 2011 को, पूर्वोत्तर जापान में 9.0 तीव्रता का भूकंप और सुनामी आई, जिसमें लगभग 20,000 लोग मारे गए. स दौरान फुकुशिमा न्यूक्लियर पावर प्लांट में मेल्टडाउन हुआ, जिससे चेरनोबिल के बाद दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु आपदा हुई.

जापान में आए अन्य बड़े भूकंप

270 से ज्यादा लोगों की मौत

16 अप्रैल 2016: जापान के कुमामोटो में 16 अप्रैल 2016 को 7.3 तीव्रता का भूकंप आया था. यही वह जगह है जहां मंगलवार को भी भूकंप आया था. उस भूकंप में 270 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से कुछ लोग बाद में हुए भूस्खलन और भारी बारिश की चपेट में आ गए थे.

चार लोगों की मौत

18 जून 2018: जापान के दूसरे सबसे बड़े शहर ओसाका में 18 जून 2018 को 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था. इसमें करीब चार लोगों की मौत हो गई थी. सैकड़ों लोग घायल हो गए और एक औद्योगिक इलाके में फैक्ट्रियों का कामकाज रुक गया था.

40 से ज्यादा लोगों की मौत

6 सितंबर 2018: जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो में 6 सितंबर 2018 को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया था. इसने इलाके को बुरी तरह प्रभावित किया था. इसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, भूस्खलन भी हुआ और 53 लाख लोगों की बिजली गुल हो गई थी.

दर्जनों लोग घायल

13 फरवरी 2021: पूर्वी जापान में फुकुशिमा के तट पर 13 फरवरी 2021 को 7.3 तीव्रता का भूकंप आया था. इसमें दर्जनों लोग घायल हो गए थे और ग्रेटर टोक्यो में बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई थी. इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.

तीन की मौत और 200 से ज्यादा लोग घायल

16 मार्च 2022: जापान के फुकुशिमा के तट पर 16 मार्च 2022 को 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

300 से ज्यादा लोगों की मौत

1 जनवरी 2024: नए साल के दिन मध्य जापान के पश्चिमी तट पर स्थित नोटो प्रायद्वीप में 1 जनवरी 2024 को 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था. इसमें 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस खबर में जितनी भी तस्वीरें लगी हुई हैं, वो 28 जुलाई मंगलवार को देर शाम जापान में आए भूकंप और उसके बाद की तबाही की हैं.

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