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लखनऊ अग्नि त्रासदी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर आग लगने की एक दर्दनाक घटना घटी. जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि सोमवार की दोपहर उत्तरी लखनऊ के अलीगंज में स्थित एक तीन मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई, जिसमें एक एनिमेशन सेंटर भी था. इस आग में कम से कम 15 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर छात्र थे और नौ लोग घायल हो गए.
आग की इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. इस बीच यूपी की योगी सरकार ने इस अग्निकांड पर बड़ी कार्रवाई की है. मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में अभी तक 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, चार आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है. जानकारी के अनुसार, लखनऊ की जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसे 2016 में ही गिराने का आदेश था. आरोप है कि इमारत को आवासीय उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन इसका अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा रहा था. आइए जानते हैं पूरी खबर.
2016 में बिल्डिंग को गिराने का था आदेश
मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात एक बयान में कहा कि तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत, जिसमें भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई थी, को 2016 में अवैध निर्माण के कारण ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया था. उन्होंने आगे बताया कि लेकिन दो महीने से भी कम समय बाद आदेश को रद्द कर दिया गया था.
यह इमारत, पॉश अलीगंज के सेक्टर डी में स्थित है. लगभग 1,992 वर्ग फुट में फैले इस भवन को self-certification बिल्डिंग स्कीम के तहत 20 अगस्त 2014 को आवासीय उपयोग भवन योजना के लिए मंजूरी मिली थी. हालांकि, बाद में परिसर में अवैध निर्माण पाया गया. इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेंद्र प्रताप शुक्ला (संयुक्त मालिक) के खिलाफ मामला दर्ज किया.
जांच के बाद, 10 मई, 2016 को अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्त का आदेश जारी किया गया था. हालांकि, गिराने के आदेश जारी होने के दो महीने बाद, 5 जुलाई 2016 को इसे रद्द कर दिया गया, जिससे उन परिस्थितियों के बारे में सवाल उठते हैं जिनके तहत निर्णय को पलटा गया था.
मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार- पुलिस
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि उत्तर प्रदेश के शहरी विकास और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि आग इमारत के एसी डक्ट में लगी होगी और सही से निकलने का रास्ता न होने के कारण धुएं से दम घुटने की घटना हुई. उन्होंने आगे कहा कि भवन निर्माण मानकों में संभावित खामियों की जांच की जाएगी.
वहीं, पुलिस ने सोमवार रात को बताया कि इस घटना के संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी इमारत के संयुक्त मालिक हैं. पुलिस ने बताया कि अलीगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत छह नामजद व्यक्तियों और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
चार अधिकारी सस्पेंड
लखनऊ में हुए इस भीषण अग्निकांड में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बयान जारी किया. इसमें बताया गया, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार व्यक्तियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इनमें गौरव कुमार (विद्युत संग्रहण विभाग के कार्यकारी अभियंता), कमलेंद्र कुमार सिंह (एफएसओ, दमकल विभाग, इंदिरा नगर), अनिल कुमार (एलडीए) और प्रमोद कुमार (एलडीए) शामिल हैं.”
15 लोगों की दर्दनाक मौत
जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लगी आग को बुझाने के लिए 19 दमकल गाड़ियां, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य बचाव कर्मियों को तैनात किया गया था.
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पीआरओ प्रोफेसर केके सिंह ने पीटीआई को बताया, “घटना के बाद कुल 22 लोगों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में लाया गया. इनमें से 15 को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर है.”
ट्रॉमा सेंटर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा, “दो बच्चों के कूदने के कारण उनकी पीठ में चोट आई है, इसलिए सीटी स्कैन और अन्य प्रक्रियाओं के बाद उनका भी इलाज किया जा रहा है.” अस्पताल द्वारा जारी सूची के अनुसार, मृतकों की पहचान सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुचा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज भार, सहजन, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या के रूप में की गई है.
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का अपना दौरा छोटा करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. बाद में उन्होंने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की. वहीं, बचाव अभियान जारी रहने के दौरान घटनास्थल पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
घटनास्थल का रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी दौरा किया. इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया है कि पूरी घटना की जांच की जाएगी और इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी और सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, 15 लोगों की मौत, बिल्डिंग में फंसे छात्र
समाचार स्रोत: पीटीआई
