12
चीन पर प्रतिबंध: ताइवान दौरे पर गए न्यूजीलैंड के चार सांसदों पर बीजिंग ने चीन में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. चीन ने सांसदों से माफी की मांग की है. वेलिंगटन में चीनी दूतावास द्वारा भेजे गए आधिकारिक संदेश के अनुसार, इन सांसदों को चीन, मकाऊ और हांगकांग में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा. बीजिंग प्रशासन का कहना है कि अगर सांसद यात्रा के लिए माफी मांगते हैं तो प्रतिबंध हटाया या निलंबित किया जा सकता है. यह पहली बार है कि चीन द्वारा न्यूजीलैंड के जन प्रतिनिधियों पर इस तरह का यात्रा प्रतिबंध लगाया गया है. हालांकि, सांसदों ने चीन की माफी की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. इस अप्रत्याशित कार्रवाई पर न्यूजीलैंड सरकार ने गहरी चिंता जताई है.
‘वन चाइना पॉलिसी’ के खिलाफ नहीं है सांसदों का दौरा
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि मई में सांसदों की ताइपे यात्रा देश की ‘वन चाइना पॉलिसी’ के खिलाफ नहीं है, क्योंकि निर्वाचित सांसद पिछले कई दशकों से ताइवान का दौरा करते रहे हैं. बीजिंग हाल के वर्षों में लोकतांत्रिक रूप से शासित द्वीप ताइवान पर अपना दावा करके अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा रहा है. चीन विदेशी सांसदों के ताइवान दौरे को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है.
न्यूजीलैंड दुनिया के उन चुनिंदा 12 देशों में से नहीं है जिनके ताइवान के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध हैं. इसके बावजूद, न्यूजीलैंड सरकार ने कहा कि उसके सांसद यात्रा संबंधी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं और सरकार इस मुद्दे को बीजिंग के सामने उठाएगी. ईमेल में कहा गया है कि यदि संबंधित सांसद ताइवान जाने के लिए माफी मांगते हैं तो प्रतिबंध रद्द किया जा सकता है.
चीन से बात करेंगे न्यूजीलैंड के अधिकारी
चीन ने न्यूजीलैंड सहित चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले देशों के सांसदों द्वारा चीन के ताइवान क्षेत्र के दौरे का लगातार विरोध किया है और यह मामला कोई अपवाद नहीं है. न्यूजीलैंड को आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए. पीटर्स के प्रवक्ता ने कहा कि बीजिंग और वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के अधिकारी चीन के साथ इस मामले पर चर्चा करेंगे ताकि इसे बेहतर ढंग से समझा जा सके.
न्यूजीलैंड में सांसद व्यक्तिगत रूप से निर्णय लेते हैं कि विदेश यात्रा करने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल होना है या नहीं और ऐसी यात्राओं में आमतौर पर कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. लिबरटेरियन एसीटी पार्टी की विधायक लौरा मैकक्लर ने कहा कि माफी की मांग अपमानजनक है और वह माफ़ी नहीं मांगेंगी.
सांसद नहीं मांगेंगे माफी
मध्य-वाम लेबर पार्टी के डंकन वेब ने कहा कि न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक संस्थानों और विदेशों में भागीदारों के साथ जुड़ने के अधिकार को महत्व देता है. कहा कि अगर ऐसा करने से चीन से एक साल के लिए बाहर रखा जाए, तो मैं वह कीमत चुकाऊंगा. हाल के वर्षों में वेलिंगटन और बीजिंग के बीच संबंध काफी हद तक सकारात्मक रहे हैं. चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और बीजिंग के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला पहला पश्चिमी देश था. सांसदों ने चीन की माफी की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
न्यूजीलैंड के पड़ोसी देश ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार भी बीजिंग और कैनबरा में चीन के मिशन पर सांसदों के प्रतिबंध के बारे में चिंता व्यक्त करेगी. उन्होंने गुरुवार को कैनबरा में एक सीनेट समिति को बताया कि हम न्यूजीलैंड द्वारा व्यक्त किए गए सिद्धांत से सहमत हैं कि सांसद अपनी यात्रा के बारे में सरकार से स्वतंत्र निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं. उन्होंने कहा कि सांसदों पर दबाव डालना उचित नहीं है.
किस पर करें भरोसा? ईरान ने कहा कि वार्ता बंद तो प्रेसिडेंट ट्रंप बोले- बातचीत जारी है; जानें पूरा मामला
समाचार स्रोत: पीटीआई
