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45 साल के हुए MS धोनी!

by Live India
Dhoni Birthday Special turns 45

धोनी जन्मदिन विशेष: भारतीय क्रिकेट इतिहास में टी-20 विश्व कप, वनडे वर्ल्ड और चैंपियनशिप ट्रॉफी भारतीय टीम को जितवाकर महेंद्र सिंह धोनी इतिहास के पन्नों में अमर हो गए हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट रैंकिंग में भी भारत को टॉप पर पहुंचाया है. उनकी कप्तानी में ऐसा कोई सपना नहीं है टीम इंडिया ने पूरा न किया हुआ हो. इसके अलावा अपनी कप्तानी में ही इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को पांच बार खिताब जितवाने का काम कर चुके हैं. वह क्रिकेट की दुनिया में अभी भी एक्टिव हैं. हालांकि, आईपीएल 2026 में वह एक भी मुकाबला नहीं खेल पाए. लेकिन यह हैरानी वाली बात नहीं होगी कि वह अगली बार भी CSK के साथ जुड़कर मैदान पर खेलते हुए नजर आएं. बता दें कि 15 अगस्त, 2020 को माही ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था. हालांकि, उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले लिया था. बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड (पूर्व बिहार) की राजधानी रांची में हुआ था और आज वह 45 वर्ष के पूरे हो गए हैं.

धोनी बर्थडे स्पेशल 45 साल के हो गए

बांग्लादेश के खिलाफ खेला पहला मैच

महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में 23 दिसंबर, 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में वनडे क्रिकेट (ODI) में कदम रखा. यहां पर बल्लेबाजी के दौरान वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए. अपने क्रिकेट की शुरुआत के करीब एक साल बाद तक भी उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिल पाई थी. इसी बीच उन्होंने उत्तर प्रदेश के शहर बरेली में एक पारी खेली और यह साझेदारी उन्होंने किसी और के साथ नहीं बल्कि अजय जडेजा संग की थी. आपको बताते चलें कि साल 2005 में प्रशांत मेमोरियल टूर्नामेंट का एक मैच डोरी लाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेला गया था. उस टूर्नामेंट में आकाश चोपड़ा, अजय जडेजा और महेंद्र सिंह धोनी हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे. उस मैच में आकाश चोपड़ा 4 रन बनाकर पवेलियन की तरफ चल दिए थे और उस दौरान उन्हें कमलकांत बेलवाल ने आउट किया था.

6 मैच में बनाए 362 रन

इसके बाद ही महेंद्र सिंह धोनी और अजय जडेजा क्रीज पर खेलने के लिए मैदान पर आए. उस दौरान लोगों को लगने लगा था कि धोनी एक दिन शानदार क्रिकेटर बनेंगे और वह क्रिकेट की दुनिया में कुछ नया जरूर करके जाएंगे. धोनी ने उस टूर्नामेंट में 6 मैचों में 72.40 की औसत से 362 रन बनाए थे. इसके बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज के लिए भी चुना गया था. खैर, जब साल 2005 में माही बरेली खेलने के लिए आए थे उससे पहले सबके दिमाग में केन्या के खिलाफ खेली गई 119 रनों की पारी थी. लेकिन बरेली में खेले गए मैच में सबसे ज्यादा चर्चा अजय जडेजा को लेकर हो रही थी और टीम विवेक राजदान की कप्तानी में मैदान पर उतर रही थी और उसका मुकाबला करने के लिए बरेली के स्थानीय क्रिकेटर मैदान पर उतर रहे थे.

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इस मैच में राजदान की कप्तानी वाली मैदान पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरी तो पहले से ही तय कर लिया गया था कि ओपनिंग करने के लिए अजय जडेजा मैदान पर उतरेंगे. वहीं, राजदान चाहते थे कि जडेजा के साथ कोई दूसरा अनभवी बल्लेबाज क्रीज पर उतरें. इसी दौरान राजदान से धोनी ने कहा कि भईया मैं ओपनिंग करने के लिए उतरना चाहता हूं. हालांकि, धोनी की बात पर कप्तान जरूर चौंके लेकिन इसके बाद उन्होंने इजाजत दे दी. जडेजा और धोनी ने पहली बार किसी मैच में ओपनिंग की थी. उस वक्त दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 120 रन जोड़े और धोनी ने उस दौरान अकेले 93 रनों की नाबाद पारी खेली. धोनी ने उस वक्त कई छक्के ऐसे मारे थे जो बाऊंड्री लाइन से काफी दूर जाकर गिरे. इसके बाद मैच राजदान की टीम जीत गई और इस मैच ने धोनी को अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया.

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सौरव गांगुली ने बनाया रखा भरोसा

वहीं, बांग्लादेश के खिलाफ कुछ खास नहीं कर पाने के बाद भी सौरव गांगुली ने माही पर भरोसा नहीं खोया और उन्हें आगे भी मौके देने जारी रखा. वनडे के बाद साल 2005 में धोनी ने टेस्ट डेब्यू भी किया और जल्द ही साल 2006 में वह टी-20 टीम में भी शामिल हो गए. इसी कड़ी में साल 2007 में BCCI ने बड़ा दांव खेलते हुए धोनी को टी-20 टीम का कप्तान बना दिया. भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में टी-20 विश्व कप का खिताब जीत लिया. इसके बाद माही ने पीछे मुड़कर ही नहीं देखा और उसके बाद क्रिकेट के इतिहास में जो कुछ हुआ वह स्वर्णिम इतिहास बन गया.

क्रिकेट में माही की रहीं कई उपलब्धियां

महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारतीय टीम ने तीन-तीन आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम की है. धोनी की कप्तानी में टी-20 विश्व कप 2007, वनडे वर्ल्ड कप 2011 और आईसीसी चैंपियनशिप ट्रॉफी 2013 का खिताब अपने नाम किया. इसके अलावा धोनी की ही कप्तानी में टीम इंडिया साल 2009 में पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन बनी थी. साथ ही धोनी ने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार आईपीएल की ट्रॉफी भी जितवाने का काम किया है.

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सचिन तेंदुलकर को माना अपना पहला गुरु

माही हमेशा यह बात कहते हुए आए हैं कि उन्होंने क्रिकेट खेलने से पहले सचिन तेंदुलकर को अपना आइडल माना है. साथ ही मास्टर ब्लास्टर से प्रेरित होकर ही क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा है. जब धोनी बचपन में क्रिकेट खेला करते थे तो वह अक्सर सचिन तेंदुलकर के फोटो बाजार से खरीदकर लेकर आ जाया करते थे. साथ ही जिस मैच में सचिन आउट हो जाते थे वह आगे मैच नहीं देखते थे. इसके अलावा धोनी का हमेशा से सपना रहा था कि वह मास्टर ब्लास्टर की तरह मैदान पर चौके और छक्के मारे.

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बाइक के लवर हैं कैप्टन कूल

धोनी को जब पहली बार इंटर्नशिप से पहली बार पैसे मिले थे तो उन्होंने सबसे पहले अपने लिए सेकेंड बाइक खरीदी थी. आज माही के पास 50 से ज्यादा बाइक हैं और वह इन सभी बाइक को काफी ध्यान से रखते हैं. रांची में खुद का एक बाइक म्यूजियम भी है. साथ ही जब उन्हें मौका मिलता है तो वह बाइक खुद चलाकर सड़क पर निकल पड़ते हैं. साथ ही वह बाइक भी खुद ही साफ करते हैं.

क्रिकेट से मिला चार्म

कई मीडिया और वित्तीय रिपोर्ट्स से दावा किया जाता है कि महेंद्र सिंह दोनी की कुल नेटवर्थ 1000 करोड़ रुपये है. धोनी दुनिया के दिग्गज क्रिकेटरों की लिस्ट में टॉप पर विराजमान हैं. साथ ही जब कोई क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कहता है तो उसके लिए अपनी सालाना कमाई को बरकरार रख पाना काफी मुश्किल होता है. लेकिन धोनी के मामले में यह पूरी तरह उल्टा साबित हुआ है. रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि धोनी की आय में करीब 4 से 5 करोड़ के आसपास बढ़ोतरी होती रहती है. क्रिकेट को छोड़ने के बाद उनकी सालाना आय 50 से 60 करोड़ रुपये हर साल होती रहती है.

वहीं, माही ने आईपीएल से भी अच्छी-खासी कमाई की है. आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स से वह काफी लंबे समय से जुड़े हुए हैं. उन्होंने आईपीएल के करीब बीते 18 सीजन में 200 करोड़ रुपये की कमाई की है और फ्रेंचाइजी में काफी सम्मान भी पाया है. उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा आप इस बात से भी लगा लेते हैं कि साल 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले सीएसके ने उन्हें 4 करोड़ रुपये में रिटेन कर लिया था.

धोनी बर्थडे स्पेशल 45 साल के हो गए

इसके अलावा माही 24 से अधिक कंपनियों के ब्रांड एंडोर्समेंट कर रहे हैं. इन विज्ञापनों की मदद से धोनी सालाना करोड़ों रुपये की कमाई कर लेते हैं और यही वजह है कि क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद वह अपनी कमाई को मैंटेन रख पाए हैं. वह स्टेट बैंक के साथ-साथ ग्लोबल पेमेंट मास्टर कार्ड का भी विज्ञापन करते हैं. साथ ही अब एंटरटेनमेंट सेक्टर में भी तहलका मचा रहे हैं.

ऐसा रहा धोनी का अंतरराष्ट्रीय करियर

माही की कप्तानी के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के अलावा उनका क्रिकेट करियर भी शानदार रहा है. धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 350 वनडे मुकाबले खेले हैं और इस दौरान उन्होंने 10,773 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक और 73 अर्धशतक शामिल हैं. इसके अलावा कैप्टन कूल ने 90 टेस्ट मैच में 38.09 की औसत से 4,876 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 6 शतक और 33 अर्धशतक भी लगाए हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 224 रन रहा है. दूसरी तरफ उन्होंने 98 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच भी खेले हैं, जिसमें 37.60 की औसत से 1,617 रन बनाए हैं.

धोनी ने बल्लेबाजी में ही सिर्फ अपना झंडा नहीं गाढ़ा है बल्कि विकेटकीपिंग में भी उपलब्धि हासिल की है. धोनी के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड है. उन्होंने तीनों फॉर्मेट में 192 स्टंपिंग की है. साथ ही जब वह रिव्यू ले लेते हैं तो फिर बल्लेबाज को आउट होने से कोई नहीं बचा सकता है. यही वजह है कि कई बार DRS को डिसीजन रिव्यू सिस्टम की जगह धोनी रिव्यू सिस्टम भी कहा जाता है. धोनी का रिव्यू लेना का मतलब है कि खिलाड़ी का आउट होना तय है.

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