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Kanker Encounter: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षाबलों ने इनामी महिला नक्सली को ढेर कर दिया.
कैंसर का सामना: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षाबलों ने इनामी महिला नक्सली को ढेर कर दिया. सरकार लगातार माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और पुनर्वास का लाभ लेने की अपील कर रही है. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सोमवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 5 लाख रुपए की इनामी महिला माओवादी मारी गई. महिला नक्सली की पहचान रूपी के रूप में हुई है. वह माओवादियों की एक क्षेत्र समिति की सदस्य थी. माना जाता है कि वह छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम वरिष्ठ तेलुगु कैडर थी, जिसमें कांकेर सहित सात जिले शामिल हैं.
माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील
सरकार द्वारा 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित करने के 12 दिन बाद यह आमना-सामना हुआ. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी ने कहा कि सरकार लगातार माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और पुनर्वास लाभ लेने की अपील कर रही है, जिसके कारण हाल के महीनों में बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यधारा में लौटने का विकल्प चुना है. हालांकि, रूपी सहित कुछ कैडर हिंसा के रास्ते पर चलते रहे, जिसके कारण अंततः ऐसे परिणाम सामने आए.
माचपल्ली गांव के जंगल में हुई मुठभेड़
कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा कि छोटेबेठिया-परतापुर पुलिस थाना क्षेत्रों की सीमा पर माचपल्ली गांव के पास एक जंगल में सोमवार सुबह गोलीबारी शुरू हो गई, जब सुरक्षाकर्मियों की एक टीम नक्सलियों की मौजूदगी के बारे में विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान पर थी. पुलिस ने बताया कि नक्सली रूपी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी. विजय रेड्डी पिछले साल मानपुर-मोहला-अंबरगढ़ चौकी जिला क्षेत्र में एक मुठभेड़ में मारा गया था.
पूरे इलाके में सघन कांबिंग
आईजी सुंदरराज पी ने शेष माओवादी कैडरों से हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में वापस आने की अपील करते हुए कहा कि उनके पास शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन चुनने के लिए सीमित समय बचा है. नवीनतम कार्रवाई के साथ इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 28 माओवादी मारे गए हैं. पिछले साल सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में राज्य भर में 285 नक्सलियों को मार गिराया था. आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि जो नक्सली मुख्य धारा में आना चाहते हैं, उन्हें पुनर्वास का लाभ देते हुए सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. सरकार उनकी पूरी सुरक्षा करेगी. आईजी ने बताया कि पूरे इलाके में सघन कांबिंग की जा रही है.
समाचार स्रोत: पीटीआई
