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Saina Nehwal Retirement : बैडमिंटन को नई दिशा देने वाली साइना नेहवाल ने 21 वर्ष बाद अपने करियर को अलविदा कह दिया. इससे पहले उन्होंने कहा था कि उनके घुटने की चोट ने जवाब देना शुरू कर दिया है.
साइना नेहवाल सेवानिवृत्ति: भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने संन्यास का एलान कर दिया है. लंबे समय से चली आ रही घुटने की चोट ने उन्हें काफी परेशान कर रखा था और वह पूरी तरह से रिकवर भी नहीं कर पा रही थी, जिसके बाद उन्हें रिटायरमेंट का एलान करना पड़ा. एक बार साइना ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि घुटनों में अधिक डीजेनरेशन हो चुका है, जिसकी वजह से उन्हें बहुत ज्यादा ट्रेनिंग लेने में दिक्कत हो रही है. वहीं, संन्यास का एलान करने के साथ एक ऐसे अध्याय का अंत हो गया है जिसने भारतीय बैडमिंटन की दशा और दिशा बदलने का काम किया.
21 साल बाद किया करियर का अंत
साइना नेहवाल के 21 साल के करियर में ओलंपिक पदक, विश्व चैंपियनशिप का मंच, विश्व नंबर-1 रैंकिंग और 10 सुपर सीरीज के खिताब जीतकर उन्हें विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाने का काम किया. इसके अलावा उन्होंने अपने करियर का आखिरी मुकाबला 2023 में सिंगापुर ओपन खेला था. बीते करीब ढाई-तीन साल से वह प्रोफेशनल बैडमिंटन में नजर नहीं आई थीं. घुटना साथ नहीं दे रहा, जिसके कारण उन्हें संन्यास लेने को मजबूर होना पड़ा.
खास बात यह रही कि साइन ने इस फैसले को लेते समय किसी बड़े मंच, प्रेस कॉन्फ्रेंस या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नहीं बताया. यह उस तरह की नाटकीय विदाई नहीं थी जो अक्सर दिग्गजों को मिलती है. बल्कि यह चुपचाप फैसला लिया गया.
शरीर नहीं दे रहा साथ
साइना ने यह भी स्वीकार किया है कि उन्होंने कई महीने तक यह जानने की कोशिश की कि क्या शरीर दोबारा रिकवर करने की स्थिति में है. लेकिन घुटने की गंभीर चोट ने वापसी करना असंभव बना दिया. उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा अपनी चोटों से लड़कर ही अपने करियर को आगे बढ़ाया है, लेकिन इस बार शरीर ने भी संकेत दे दिया कि अब बैडमिंटन को अलविदा कहा जाए.
चोटों की जंग ने ऐसे तोड़ा
रियो 2016 ओलंपिक से ठीक पहले लगी घुटने की चोट ने साइना के करियर को बुरी तरह प्रभावित किया. सुधार के बाद जब उन्होंने 2017 और 2018 में शानदार वापसी की, जिसमें कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड और विश्व चैंपियनशिप ब्रॉन्ज जीतनेका काम किया. लेकिन इसके बाद उनके घुटने ने फिर साथ छोड़ दिया.
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