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West Bengal : टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. चुनाव में प्रचार के दौरान उन पर भड़काऊं भाषण देने के आरोप लगे थे और इसके बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई. वहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने उत्तेजक भाषण में गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी.
पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होती हुई नहीं दिखाई दे रही हैं. विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के दौरान कई भड़काऊं और उत्तेजक भाषण को लेकर एक FIR दर्ज की गई. यह शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार ने रिजल्ट के एक दिन बाद 5 मई को बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई थी. इस शिकायत में राजीब ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने प्रचार के दौरान न सिर्फ भड़काऊ बयान दिए थे बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे तौर पर धमकी भी दी थी.
BNS के तहत दर्ज की गई FIR
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने चुनाव के बाद हुई हिंसा और वोटों की गिनती की प्रक्रिया को लेकर भड़काऊ बयान दिया था. साथ ही शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि बनर्जी की सभी टिप्पणी अमित शाह से जुड़ी थीं. शिकायत दर्ज होने के बाद प्रक्रिया का पालन करते हुए 15 मई को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के तहत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में औपचारिक रूप से एक FIR दर्ज की गई. उन्होंने आगे कहा कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
आपको बताते चलें कि शिकायतकर्ता ने बनर्जी पर 27 अप्रैल से 3 मई के बीच चुनाव से जुड़े कई कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि बनर्जी की सार्वजनिक मंचों पर टिप्पणियां भड़काऊ प्रकृति की थीं और उनमें सार्वजनिक व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की क्षमता भी थी. फिलहाल, जांच में इन सभी टिप्पणियों की पड़ताल की जा रही है.
क्या बंगाल में मचेगा सियासी घमासान?
वहीं, अगर अभिषेक बनर्जी पर कोर्ट में मामला चला जाता है तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी घमासान मचने के आसार हैं. फिलहाल इस मामले में टीएमसी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं, चुनाव में बुरी हार के बाद टीएमसी के भीतर से विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं. टीएमसी के नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को भी नहीं बख्शा है. उन्होंने इन दोनों नेताओं पर आरोप लगाए हैं. यही वजह है कि तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कोहिनूर मजूमदार, रिजु दत्ता और कार्तिक घोष समेत पार्टी कई प्रवक्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है.
समाचार स्रोत: पीटीआई
