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Iran-Israel War: ईरान ने एक बार फिर अपनी मिसाइलों का जलवा आसमान में दिखाया है. उसने निशाना लगाकार दुश्मन देश का F-15 फाइटर जेट को ढेर कर दिया और इसका एक वीडियो भी जारी किया है.
ईरान-इज़राइल युद्ध: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीज इजरायल-अमेरिका को ईरान ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया है. ईरान ने अपनी मिसाइल से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दुश्मन देश के F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है. इससे पहले ईरान ने इजरायल के एफ-16 और अमेरिका के एफ-35 को मार गिराने का दावा किया था. ईरान ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने होर्मुज के पास दक्षिण तट पर दुश्मन के F-15 फाइटर जेट को अपनी मारक मिसाइलों से तबाह कर दिया. बता दें कि F-15 फाइटर जेट अपने समय का सबसे हाईटेक माना जाता है और इसको आज तक किसी भी मिसाइल ने निशाना नहीं बनाया है. लेकिन ईरान ने उस परिभाषा को उल्टा करके रख दिया है.
हमले का जारी किया वीडियो
ईरान की एक समाचार एजेंसी के अनुसार, आधुनिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया और उसको हवा में ही उड़ा दिया. इस हमले को लेकर एजेंसी ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें देखा जा रहा है कि किस तरह से फाइटर जेट को निशाना बनाया गया है. हालांकि, अभी तक इस घटना की अमेरिका और इजरायल ने पुष्टि नहीं की है.
#टूटने के
देश के दक्षिणी तट पर रोके जाने के बाद दुश्मन के F-15 फाइटर जेट को होर्मुज द्वीप के पास ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा मार गिराया गया। pic.twitter.com/jmrFuUQKbd– तेहरान टाइम्स (@TehranTimes79) 22 मार्च 2026
US गंवा चुका है 17 सैन्य एयरक्राफ्ट
ईरान-इजरायल जंग के बीच अभी तक अमेरिकी सेना को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. बताया जा रहा है कि अमेरिका ने अभी तक 17 सैन्य एयरक्राफ्ट गंवा चुका है, जिनमें 12 ड्रोन और 4 मानव विमान भी शामिल हैं. इसके अलावा एफ-35 फाइटर जेट को भी नुकसान पहुंचा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब एफ-16 गिराने की बात कही गई थी तब अमेरिका ने इसको खारिज कर दिया था. लेकिन अब हालात साफ हो रहे हैं कि अमेरिका के कई फाइटर जेट गिरे हैं, जिससे साफ पता चलता है कि अमेरिका को इसमें भारी सैन्य नुकसान हुआ है.
बताया जा रहा है कि जिन अमेरिकी ड्रोन को गिराया गया है वह IRGC और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था. लेकिन ईरान की मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम और मजबूत मिसाइलों ने इसको मार गिराया. साथ ही एक रिपर ड्रोन की कीमत करीब 250 करोड़ बताई जाती है ऐसे में यह सारा बोझ अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और फाइनली इसका भुगतान अमेरिकी जनता को भुगतना पड़ेगा.
समाचार स्रोत: पीटीआई
