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ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का चीन दौरा फिक्स

by Live India
Trump China Visit

Trump China Visit: व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के चीन दौरे को रीशेड्यूल किया है. अब ट्रंप मई में दो दिन के चीन जाएंगे, ईरान से जंग के बीच उनकी यह मीटिंग बहुत खास है.

26 मार्च, 2026

व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप अपने चीनी काउंटरपार्ट शी जिनपिंग के साथ रीशेड्यूल समिट के लिए 14 और 15 मई को चीन जाएंगे. ट्रंप पहले इस महीने के आखिर में बीजिंग जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने ईरान में युद्ध के कारण अपनी यात्रा टाल दी. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बुधवार को कहा कि US प्रेसिडेंट और फर्स्ट लेडी मेलानिया इस साल बाद में वाशिंगटन DC के रेसिप्रोकल विजिट के लिए राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन की भी मेजबानी करेंगे.

क्या युद्ध खत्म करना है शर्त?

इस सवाल के जवाब में कि क्या दोनों नेताओं ने इस मीटिंग को रीशेड्यूल करने के लिए युद्ध के खत्म होने को एक प्री-कंडीशन बताया, उन्होंने जवाब दिया कि प्रेसिडेंट और शी के बीच मीटिंग को रीशेड्यूल करने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई. लेविट ने कहा, “प्रेसिडेंट शी समझ गए थे कि प्रेसिडेंट का अभी पूरे इलाके में रहना बहुत जरूरी है. जाहिर है, उन्होंने इसे टालने और मानने की रिक्वेस्ट को समझा, इसीलिए हमारी मीटिंग हो रही है.” यह पूछे जाने पर कि क्या मई में मीटिंग तक युद्ध खत्म हो जाएगा, लेविट ने कहा, “फिर से, जैसा कि मैंने कहा है, हमने हमेशा लगभग चार से छह हफ़्ते का अंदाजा लगाया है.”

जिनपिंग से मिलने का इंतजार

ट्रंप और शी पिछली बार अक्टूबर में साउथ कोरिया के बुसान में APEC समिट के दौरान आमने-सामने मिले थे. ट्रंप ने पिछले हफ़्ते, ओवल ऑफिस में आयरिश प्राइम मिनिस्टर मिशेल मार्टिन से मीटिंग के दौरान कहा था कि वह महीने के आखिर के बजाय पांच या छह हफ्ते में चीन जाएंगे. वह चीन की अपनी ट्रिप को रीशेड्यूल करेंगे. ट्रंप ने कहा, “मै चीन के साथ काम कर रहे हैं, उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं थी. उन्होंने आगे कहा, “मैं प्रेसिडेंट शी से मिलने का इंतजार कर रहा हूं. मुझे लगता है कि वह मुझसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं.”

मदद न करने पर दौरे से किया था इनकार

ट्रप ने इससे पहले कहा था कि अगर चीन, ईरान युद्ध में उनकी मदद नहीं करता है तो वे अपनी चीन दौरा टाल सकते हैं. दरअसल, US-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर मिलकर हमला किया और इस्लामिक देश की जवाबी कार्रवाई ने युद्ध को पूरे खाड़ी क्षेत्र तक फैला दिया. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बदा ईरान स्ट्रेट होर्मुज का रास्ता बंद कर दिया था, जिससे दुनियाभर में तेल की कीमत में बढ़ोतरी हो रही है. इस बीच ट्रंप ने चीन से भी मदद की अपील की थी और कहा था कि वे स्ट्रेट होर्मुज में अपने युद्धपोत भेजे. हालांकि चीन इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसके बाद ट्रंप ने नाराज होकर कहा था कि अगर चीन उनकी मदद नहीं करेगा, तो वे अपनी चीन दौरा टाल देंगे.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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