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संभल में फिर चला बुलडोजर! जानें वजह?

by Live India
संभल में फिर चला बुलडोजर! जानें वजह?

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Sambhal News : संभल जिले में एक बार फिर बुलडोजर चला है. लेकिन यहां पर खास बात यह रही कि सरकारी अधिकारियों से पहले स्थानीय लोगों ने अवैध निर्माण हटाना शुरू कर दिया.

5 अप्रैल 2026

Sambhal News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक बार फिर बुलडोजर ने कहर बरपा दिया है. संभल जिले के मुबारकबंद गांव के निवासियों ने रविवार को ग्राम सभा की जमीन पर बने मदरसा, मस्जिद और स्कूल को अपनी मर्जी से गिरा दिया. इस मामले में अधिकारियों ने कहा कि गांव में रहने वाले लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने एक मदरसा, एक मस्जिद और एक प्राइमरी स्कूल को बुलडोजर की मदद से गिराना शुरू कर दिया.

8 दिन का दिया गया था अल्टीमेटम

बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कब्जाधारियों को 8 दिनों का अल्टीमेटम दिया था. इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद ही निर्माण को हटाना शुरू कर दिया, लेकिन समय कम होने की वजह से काम पूरा हो नहीं सका. इसके बाद रविवार को जेसीबी मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को हटाया गया. वहीं, ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर ने बताया कि निर्माण को हटाने के लिए प्रशासन से JCB की मशीन की मांग की गई थी, जिसको तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने उपलब्ध करवा दिया. मशीन का किराया स्थानीय लोग खुद ही वहन कर रहे हैं. बता दें कि इस अवैध निर्माण को हटाने में करीब 20 घंटे का समय लग गया.

कार्रवाई के दौरान गाटा संख्या 623 और 630 की जमीन को कब्जा मुक्त करवाया गया. पहले खाद के गड्ढे और खेल को मैदान दर्ज था. इसके बाद इस जमीन पर ग़ौसुल मदरसा, मस्जिद, दो स्कूल और पांच दुकानों का निर्माण किया गया था. साथ ही जिन पांच दुकानों को ध्वस्त किया गया है उनमें समोसा-पकौड़े, सब्जी, मेडिकल स्टोर और जन सेवा केंद्र का काम होता था.

अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

वहीं, ध्वस्त किए जा रहे अवैध निर्माण पर किसी प्रकार का तनाव न फैले इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया. इसके अलावा वहां पर राजस्व टीम भी सीमांकन और पैमाइश के कार्य में लग गई है. प्रशासन का स्पष्ट शब्दों में कहना है कि सरकार की जमीन पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर इस तरह की जमीन कब्जाई जाती है तो इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, संभल का यह पहला ऐसा मामला है जहां पर प्रशासन की सख्ती के बाद स्थानीय लोगों ने खुद ही अवैध निर्माण को हटाने की जिम्मेदारी उठाई.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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