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Cannes 2026 में चमकेगा भारत, 6 फिल्में बनाएंगी सबको दीवाना

by Live India
Cannes 2026 में चमकेगा भारत, 6 फिल्में बनाएंगी सबको दीवाना

Cannes 2026: इस साल कान्स में इंडियन सिनेमा सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं बल्कि सोसाइटी, रिलेशनशिप, स्ट्रगर और पहचान जैसे गंभीर मुद्दों को भी दुनिया के सामने रखने जा रहा है. आप भी जानें उन फिल्मों के बारे में जो इस बार कान्स में भारत का नाम रोशन करने वाली हैं.

12 मई, 2026

दुनिया के सबसे बड़े फिल्म फेस्टिवल्स में गिने जाने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस बार भी भारतीय सिनेमा का जलवा रहेगा. 79वां कान्स फिल्म फेस्टिवल 12 मई से 23 मई, 2026 तक फ्रेंच रिवेरा में होगा, जहां दुनियाभर के फिल्म लवर्स की नजरें इंडियन मूवीज पर भी टिकी रहेंगी. पिछले कुछ सालों में भारतीय फिल्मों ने कान्स में शानदार पहचान बनाई है. चाहे शौनक सेन की ऑल दैट ब्रीद्स हो, पायल कपाड़िया की ऑल वी इमेजिन एज लाइट या फिर हाल ही में नीरज घायवान की होमबाउंड, भारतीय कहानियों ने इंटरनेशनल ऑडियन्स दर्शकों का दिल भी जीता है. इस साल भी पंजाबी और मलयालम सिनेमा के साथ-साथ कई दमदार भारतीय फिल्में फेस्टिवल में दिखाई जाएंगी. आपके लिए उन्हीं की लिस्ट लेकर आए हैं.

चढ़दीकला

पंजाबी सिनेमा इस बार कान्स में खास चमक बिखेरने वाला है. डायरेक्टर अमरजीत सिंह सरों की फिल्म ‘चढ़दीकला’ का प्रीमियर कान्स में होने जा रहा है. फिल्म में एमी विर्क और रूपी गिल लीड रोल में हैं. कहानी एक नर्स की है जिसकी अच्छी खासी जिंदगी तब बदल जाती है जब उसे एक बड़े हादसे में गलत तरीके से फंसाया जाता है. अकेलेपन और स्ट्रगल के बीच वो जरूरतमंद परिवारों की मदद करती है. वैसे, ये फिल्म 29 मई को थिएटर्स में रिलीज़ होने वाली है.

बालन द बॉय

मंजुम्मेल बॉयज की सक्सेस के बाद डायरेक्टर चिदंबरम अब ‘बालन द बॉय’ लेकर कान्स पहुंच रहे हैं. यह फिल्म मार्चे डू फिल्म सेक्शन में दिखाई जाएगी. मलयालम भाषा की इस फिल्म की कहानी बालन नाम के एक लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अकेलेपन और सोसाइटी की वजह से परेशान है. फिल्म मां-बेटे के रिश्ते को बहुत ही सेंसिटिव तरीके से दिखाती है.

शैडोज ऑफ द मूनलेस नाइट

FTII की स्टूडेंट मेहर मल्होत्रा की 24 मिनट की पंजाबी शॉर्ट फिल्म ‘शैडोज ऑफ द मूनलेस नाइट’ को कान्स के La Cinef सेक्शन के लिए चुना गया है, जो नए फिल्ममेकर्स को डेडिकेटेड है. फिल्म एक फैक्ट्री वर्कर राजन की कहानी दिखाती है, जो रात की शिफ्ट में काम करते-करते मेंटल और इमोशनल प्रेशर से टूटने लगता है. भीड़भाड़ वाले घर, फाइनेंशियल इश्यू और अकेलेपन के बीच उसकी जिंदगी धीरे-धीरे बिखरने लगती है.

अम्मा अरियन

मलयालम सिनेमा की पॉपुलर एक्सपेरिमेंटल फिल्म ‘अम्मा अरियन’ को 4K में रिस्टोर कर कान्स क्लासिक सेक्शन में शामिल किया गया है. जॉन अब्राहम के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म पहली बार 1986 में रिलीज हुई थी. इसे भारतीय पैरलल सिनेमा की खास फिल्मों में गिना जाता है. फिल्म की कहानी एक यंग एक्टिविस्ट की जर्नी पर बेस्ड है, जो अपने दोस्तों के साथ एक मां को उसके बेटे की मौत की खबर देने निकलता है. लेकिन ये सफर धीरे-धीरे पॉलिटिक्स, दुख, युवा आंदोलन और विचारधारा पर कमेंट करता है.

जंगली फूल की आत्मा

लंदन बेस्ड फिल्ममेकर श्रीमोयी चक्रवर्ती की डॉक्यूमेंट्री ‘स्पिरिट ऑफ द वाइल्डफ्लावर’ भी इस बार कान्स में दिखाई जाएगी. फिल्म दो बहनों की कहानी है जो भारत की पहली लीगल महुआ डिस्टिलरी चलाती हैं. जहां बड़ी बहन अपने लोकल ड्रिंक को ग्लोबल ब्रांड बनाना चाहती है, वहीं छोटी बहन जेंडर ट्रांजिशन के जरिए पुरुष के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहती है. ये फिल्म सोसाइटी, पहचान और सपनों के स्ट्रगल को दिखाती है.

सेप्टेंबर 21

डायरेक्टर करेन क्षिति सुवर्णा की डेब्यू फिल्म ‘सेप्टेंबर 21’ का वर्ल्ड प्रीमियर 16 मई को कान्स के Palais Theatre में होगा. हिंदी और कन्नड़ भाषा में बनी ये फिल्म एक बुजुर्ग अल्जाइमर मरीज की कहानी है, जिसे लगता है कि कोविड महामारी के दौरान उसकी पत्नी पड़ोस के घर में क्वारंटीन है. जैसे-जैसे उसकी याददाश्त कमजोर होती जाती है, उसका अलग रह रहा बेटा घर लौटता है और परिवर की जिम्मेदारियों में फंस जाता है.

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