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सेना-पुलिस की वर्दी की खुली बिक्री पर रोक

by Live India
Chandigarh News

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Chandigarh News: जिला मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी है कि जो भी दुकानदार इन सुरक्षा नियमों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

13 मई 2026

चंडीगढ़ समाचार: चंडीगढ़ की सड़कों पर अब पुलिस या सेना की वर्दी पहनकर घूमना अपराधियों के लिए खौफनाक सपना साबित होने वाला है. जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव ने आदेश जारी करते हुए शहर में सुरक्षा बलों की वर्दी, लोगो और स्टिकरों की खुलेआम बिक्री पर रोक लगा दी है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत अब वर्दी बेचना और खरीदना, दोनों ही प्रशासन की रडार पर होंगे.

खौफनाक साजिशों का होगा पर्दाफाश

प्रशासन ने यह कदम किसी मामूली वजह से नहीं, बल्कि देश पर मंडरा रहे आतंकी खतरों को देखते हुए उठाया है. अक्सर आतंकी और राष्ट्र-विरोधी तत्व सुरक्षा घेरे को भेदने के लिए सेना या पुलिस का ‘छद्म वेश’ धारण करते हैं. इस बहरूपिया गेटअप की मदद से वे संवेदनशील इलाकों में घुसकर बड़ी तबाही मचाने की साजिश रचते हैं. प्रशासन का यह नया चक्रव्यूह अब इन साजिशों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है.

‘नो ID, नो वर्दी’ का सख्त नियम

अब चंडीगढ़ का कोई भी दुकानदार अपनी मर्जी से वर्दी या उससे जुड़ा कोई भी सामान नहीं बेच पाएगा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी) देखे बिना, अब वर्दी को बेचना अपराध माना जाएगा. दुकानदार को खरीदार का नाम, पद, बेल्ट नंबर, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की फोटो कॉपी का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा. पुलिस और प्रशासन कभी भी इन रिकॉर्ड्स की औचक जांच कर सकता है.

अपराधियों से छिना सबसे बड़ा हथियार

यह पाबंदी सिर्फ आतंकियों के लिए नहीं, बल्कि उन असामाजिक तत्वों के लिए भी काल है, जो फर्जी पुलिसवाला बनकर जनता को डराते-धमकाते थे. या फिर नकली नाके लगाकर लूटपाट करते थे. अब वर्दी की बिक्री की हर एक चीज रिकॉर्ड में होगी, जिससे किसी भी संदिग्ध तक पहुंचना पुलिस के लिए बेहद आसान हो जाएगा. शांति भंग करने वाले उपद्रवियों के लिए भी अब सुरक्षा बलों के प्रतीकों का दुरुपयोग करना मुमकिन नहीं होगा.

नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई

जिला मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी है कि जो भी दुकानदार इन सुरक्षा नियमों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है ताकि शहर की शांति और सौहार्द को किसी भी कीमत पर बनाए रखा जा सके. चंडीगढ़ प्रशासन का यह कदम न केवल शहर को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आतंकवाद और अपराध के खिलाफ एक ऐसी दीवार खड़ा करेगा जिसे पार करना नामुमकिन होगा.

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