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वरिष्ठ IPS अफसर दीपक गहलावत गिरफ्तार

by Live India
CBI की बड़ी कार्रवाईः पुडुचेरी के कारोबारी से ली 3 करोड़ की घूस, वरिष्ठ IPS अफसर दीपक गहलावत गिरफ्तार

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रिश्वत का मामला: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नकली दवा रैकेट जांच को प्रभावित करने के लिए 3 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में हरियाणा कैडर के 2012 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया. ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) में रीजनल डायरेक्टर के पद पर तैनात गहलावत पर पुडुचेरी के एक व्यवसायी से पैसे लेकर जांच को प्रभावित करने का आरोप है. इसके बाद जून में ट्रैप ऑपरेशन के तहत यह कार्रवाई की गई. इस मामले में दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और एक बिचौलिए को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई द्वारा आगे की जांच जारी है.

इंस्पेक्टर और बिचौलिया पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

यह मामला जून में CBI द्वारा चलाए गए एक ट्रैप ऑपरेशन से जुड़ा है, जिसके दौरान दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एक कथित बिचौलिये राजकुमार को गिरफ्तार किया गया था.एजेंसी ने इस मामले में इंस्पेक्टर सिंह, राजकुमार और व्यवसायी एन राजा के खिलाफ FIR दर्ज की थी. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राजा पर इस साल की शुरुआत में दर्ज नकली दवा बनाने के एक कथित मामले में CBI जांच चल रही थी. इसके बाद वह इंस्पेक्टर सिंह के संपर्क में आया, जिसने भरोसा दिलाया कि वह जांच को प्रभावित कर सकता है. सिंह ने सिविल एविएशन सेक्टर के एक सीनियर सरकारी अधिकारी के साथ बैठक का भी इंतज़ाम किया.

CBI जांच को प्रभावित करने का मामला

बैठक के दौरान सरकारी अधिकारी ने कथित तौर पर राजा से CBI अधिकारियों पर अपने निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके मनचाही जांच का वादा किया और कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी, जिसमें से 1.5 करोड़ रुपये पहले देने थे.अधिकारियों ने बताया कि व्यवसायी ने हवाला ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए 1 करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया, जो कथित तौर पर सिंह को दिए गए. इंस्पेक्टर सिंह ने बदले में 50 लाख रुपये एक दूसरे बिचौलिये प्रभात को सौंप दिए, जो उस सरकारी अधिकारी का परिचित था.

एक अधिकारी ने कहा कि आरोपी प्रदीप कुमार सिंह ने बाकी 25 लाख रुपये अपने ऑफिस में रखे. इसके बाद, 8 जून, 2026 को आरोपी राजकुमार और प्रदीप कुमार सिंह को पकड़ लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि जांच चल रही है. जांच के दौरान पाए गए दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में किस-किस की संलिप्तता है, इसकी भी जांच की जा रही है.

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