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भारी वर्षा: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हो गईं. नदियों का जलस्तर बढ़ गया और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. इसी दौरान मंडी जिले के ऑट के पास एक पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई. सड़कें टूट जाने से शिमला, मनाली और धर्मशाला का संपर्क एक-दूसरे से कट गया है. भूस्खलन के कारण शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है.
चंबा में बाढ़ जैसे हालात
सोलन जिले के नालागढ़ की रहने वाली सुखबीर कौर (38) अपने परिवार के साथ मणिकरण जा रही थीं. चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर ऑट के पास जब वह कार से बाहर निकलीं, तो ऊपर से गिरे एक पत्थर की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. लगातार बारिश के कारण चंबा जिले के लनोट और फागडोग गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. यहां पहाड़ से गिरे मलबे के कारण दो घरों को भारी नुकसान पहुंचा और दीवारों में दरारें आ गईं. कार्यवाहक SDM और तहसीलदार अभिराय सिंह ठाकुर ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल का निरीक्षण करने और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं.
2 से 6 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट
शिमला स्थित मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार को हिमाचल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार तक पूरे राज्य में फैल गया. विभाग ने 2 से 6 जुलाई के बीच कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. गर्मी के कारण बंद हुए सरकारी और निजी स्कूल बुधवार को फिर से खुल गए, लेकिन भारी बारिश के कारण उपस्थिति कम रही. स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) के अनुसार, मंडी में 28, कुल्लू में 12 और लाहौल-स्पीति और ऊना जिलों में दो-दो सड़कें बंद कर दी गईं. मंगलवार शाम से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई.
वैकल्पिक रास्तों से जाएं शिमला, मंडी, बिलासपुर
अधिकारियों ने बताया कि कांगड़ा ज़िले के नगरोटा सूरियां में सबसे ज़्यादा 102.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके बाद घमरूर (95.2 मिमी), गुलेर (87.2 मिमी), पालमपुर (74.4 मिमी), सलोनी (68.2 मिमी), जोगिंदरनगर (48 मिमी), काहू (44.5 मिमी), देहरा गोपीपुर (38.3 मिमी), बरथिन (37.4 मिमी) और सुजानपुर टीरा (36 मिमी) में बारिश हुई. शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे मशहूर शहरों में भी भारी बारिश हुई, जबकि कुफरी, पालमपुर, कांगड़ा, सुंदरनगर, जुब्बरहट्टी और भुंतर में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की खबरें मिलीं. भूस्खलन के कारण शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है. पुलिस ने शिमला, मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्तों की जानकारी जारी की है.
स्वां नदी उफान पर
पुलिस के अनुसार, बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाली गाड़ियां घुमारवीं, जुखाला, जबलपुर ब्रिज, रानीकोटला, खारसी और वैदमोड होते हुए अपनी मंज़िल तक पहुंच सकती हैं, जबकि शिमला से मंडी जाने वाले लोग वैदमोड, नवगांव, खारसी, रानीकोटला और बैरी होते हुए जा सकते हैं.अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से पंगोला नाले के पास चंबा-तिस्सा मुख्य सड़क भी बंद हो गई. कई नदियों और उनकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ गया. उन्होंने बताया कि ऊना जिले में स्वां नदी उफान पर थी, जिसके चलते अधिकारियों ने लोगों को नदी के करीब न जाने की सलाह दी.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
