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भारत यूके एफटीए: आज 15 जुलाई से भारत और यूनाइडेट किंगडम (ब्रिटेन) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है. भारत और ब्रिटेन ने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर बीते साल साइन किए थे. दोनों देशों के बीच इस समझौते के आज से लागू हो जाने से काफी फायदा होने वाला है.
आज सुबह केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर India UK FTA के लागू होने की बड़ी जानकारी दी है. इससे भारत के द्वारा ब्रिटेन को भेजे जाने वाले सामानों पर 99 फीसदी टैरिफ यानी कि एक्सपोर्ट ड्यूटी खत्म हो जाएगी. वहीं, यूके से 99 फीसदी सामान 3 फीसदी के एवरेज टैरिफ पर इंपोर्ट (आयात) होंगे. दोनों देशों को इस डील से काफी फायदा होने वाला है.
आज का दिन भारत-ब्रिटेन संबंधों में एक निर्णायक मील का पत्थर है। 🇮🇳🤝🇬🇧
माननीय प्रधान मंत्री @नरेंद्रमोदी जी के गतिशील नेतृत्व में, भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा पर समझौता लागू हो गया है, जो शून्य-शुल्क बाजार पहुंच प्रदान करता है… pic.twitter.com/2rmRIGESdc
– पीयूष गोयल (@PiyushGoyal) 15 जुलाई, 2026
भारत के 99% एक्सपोर्ट के लिए जीरो-ड्यूटी- केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज भारत-UK संबंधों में एक अहम पड़ाव है. माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गतिशील नेतृत्व में, भारत-UK कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) और सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट लागू हो गए हैं.” उन्होंने आगे कहा, ” इससे भारत के लगभग 99% एक्सपोर्ट (निर्यात) के लिए जीरो-ड्यूटी मार्केट एक्सेस मिल गया है, जिसमें ट्रेड वैल्यू का लगभग 100% हिस्सा शामिल है.”
भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की बड़ी बातें
- भारत के लगभग 99% एक्सपोर्ट पर जीरो-ड्यूटी एक्सेस.
- भारत के व्यापार मूल्य का लगभग 100% हिस्सा ड्यूटी-फ्री.
- ज्यादा लेबर वाले सेक्टर को बहुत फायदा.
- खेती, फ़ूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और कपड़े, लेदर, रत्न और आभूषण, केमिकल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग का सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री/मछली पालन, फ़र्नीचर और स्पोर्ट्स के सामान जैसे सेक्टर को फायदा होगा और रोजगार के बड़े मौके मिलेंगे.
भारतीय किसानों के लिए फायदे
- सभी कृषि उत्पादों के लिए जीरो ड्यूटी एक्सेस.
- प्रोसेस्ड फूड उत्पादों की 97.1% टैरिफ लाइनों के लिए जीरो ड्यूटी एक्सेस.
- ड्यूटी-फ्री/प्रेफरेंशियल एक्सेस के जरिए भारतीय कृषि निर्यात को बड़े प्रतिस्पर्धियों के बराबर लाना.
- FPO, पैकहाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और लॉजिस्टिक्स में ग्रामीण रोजगार के अवसर पैदा करना.
- यह सुनिश्चित करना कि भारत की खाद्य सुरक्षा, किसानों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रहे.
- UK के $90 बिलियन से ज्यादा के ग्लोबल कृषि और प्रोसेस्ड फूड आयात में तुरंत प्रतिस्पर्धी बढ़त.
भारत में ये चीजें होंगी सस्ती
भारत और यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने से देश में कई चीजे सस्ती हो रही हैं. यूके से भारत आने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15 प्रतिशत से घटाकर अब 3 प्रतिशत हो गया है. 10 साल के लिए 85 प्रतिशत सामान टैरिफ फ्री होंगे. इससे भारत में कई चीजें सस्ती होंगी.
भारत में व्हिस्की, जिन, खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ, फैशन के सामान और कपड़े सस्ते होंगे. वहीं, लग्जरी गाड़ियां सस्ती होंगी, इनमें यूके से आने वाली कारें जैसे लैंड रोवर, रोल्स रॉयल और जगुआर. इन कारों पर टैरिफ 100 फीसदी से कोटा सिस्टम के तहत से 10 फीसदी तक आ जाएगा. जानकार बताते हैं कि ये कारें 20 से 30 फीसदी तक सस्ती हो सकती हैं.
दोनों देशों ने जुलाई 2025 में CETA किया था हस्ताक्षर
करीब एक साल पहले जुलाई 2025 में भारत और ब्रिटेन ने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे. देश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2025(24 तारीख) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किया गया. इससे भारत और यूनाइटेड किंगडम ने एक मजबूत आर्थिक साझेदारी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया.
इस समझौते पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए. इस समझौते को लेकर कहा गया कि यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और आर्थिक एकीकरण को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
भारत और यूके ट्रेड आंकड़े
वाणिज्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और ब्रिटेन के बीच कुल ट्रेड 2 लाख 22 हजार 719.04 करोड़ रुपये का रहा है. इनमें भारत का एक्सपोर्ट 1 लाख 18 हजार 783.33 करोड़ रुपये और इंपोर्ट 1 लाख 3 हजार 935.71 करोड़ रुपये का रहा है.
वहीं, दोनों देशों के बीच वित्त वर्ष 2024-25 के व्यापार की बात करें तो यह कुल 1 लाख 95 हजार 734.74 करोड़ रुपये का रहा है. इनमें भारत का एक्सपोर्ट 1 लाख 23 हजार 56.98 करोड़ रुपये और इंपोर्ट 72 हजार 677.76 करोड़ रुपये का रहा है. डील पर साइन के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 56 अरब अमेरिकी डॉलर का था, जिसे 2030 तक दोगुना करने का संयुक्त लक्ष्य रखा गया है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
