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एनईईटी आकांक्षी पिता: बीते शनिवार को देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया और इसी के साथ एक महीने से ज्यादा समय से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म हो गया. सीजेपी इसे लोकतंत्र की जीत बता रही है. इस बीच नीट पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले कैंडिडेड के पिता ने अपना दुख जाहिर किया है. उत्तर प्रदेश के खीरी जिले में सुसाइड करने वाले 21 साल के NEET कैंडिडेट के दुखी पिता ने कहा कि काश उनका बेटा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देखने के लिए जिंदा होता.
‘मुआवजा पूरी नहीं कर सकता बेटे की कमी’
केंद्र सरकार ने सीजेपी की उन 21 NEET छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग मान ली है जिन्होंने पेपर लीक के बाद खुदकुशी कर ली थी. लेकिन यह पैसे किसी के बच्चे की जान के सामने कुछ नहीं हैं. पिता अनूप मिश्रा ने कहा कि “कोई भी मुआवजा उनके बेटे की मौत से पैदा हुई कमी को पूरा नहीं कर सकता. मैंने, मेरी पत्नी और मेरी बड़ी बेटी ने जो दर्द, तनाव और दुख झेला है, उसकी भरपाई कोई भी पैसा नहीं कर सकता.”
री-एग्जाम से एक दिन पहले की आत्महत्या
मिश्रा ने कहा कि जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक का मामला सामने आया, तो ऋतिक का दिल टूट गया, क्योंकि यह उसका तीसरा अटेम्प्ट था. उन्होंने आगे कहा कि एग्जाम कैंसिल करने के सरकार के फैसले से ऋतिक बहुत निराश हो गया थे और उसने 14 मई को, री-टेस्ट की घोषणा से एक दिन पहले खुदकुशी कर ली. अनूप मिश्रा इस समय लखनऊ के एक हॉस्पिटल अपनी बीमार पत्नी की देखभाल कर रहे हैं. 46 साल के पिता ने कहा कि अगर प्रधान ने पहले इस्तीफा दे दिया होता, तो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा प्रदर्शनकारी पुलिस की कार्रवाई से बच सकते थे.
“युवाओं की जीत हुई”
मिश्रा ने देश के युवाओं के मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की ओर पूरे देश का ध्यान खींचने के इरादे की तारीफ की और कहा कि उनकी लगन ने ही प्रधान को पद छोड़ने पर मजबूर किया. मिश्रा ने कहा, “अगर उन्होंने पहले इस्तीफा दे दिया होता, तो हमारी युवा पीढ़ी को ऐसी बेरहमी से बचाया जा सकता था. उन्होंने आगे कहा, “युवा पीढ़ी ने अपने पक्के इरादे और पक्की इच्छाशक्ति से सरकार को आने वाली पीढ़ियों के लिए व्यवस्था को फिर से बनाने पर मजबूर कर दिया. हालांकि, जंतर-मंतर पर शांति से प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर पुलिस की बेरहमी देखना दिल दहला देने वाला था. ये युवा सिर्फ एक पारदर्शी व्यवस्था के लिए लड़ रहे थे.”
आंदोलन के बड़े असर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मिश्रा ने कहा, “यह देखकर बहुत दुख होता है कि मेरा बेटा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देखने के लिए हमारे बीच नहीं है, हालांकि इस आंदोलन से देश भर के दूसरे युवाओं को फायदा होगा. अगर यह आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में अच्छे सुधार लाता है और छात्रों को डिप्रेशन से और परिवारों को ऐसी दुखद घटना से बचाता है जैसी हमने झेली है, तो हमें कुछ सुकून मिलेगा.”
NEET पेपर लीक विवाद की गूंज: BJP सांसद की बेटी ने ही मनाया धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न, मचा सियासी बवाल
समाचार स्रोत: पीटीआई
