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10 बॉलीवुड मैत्री फिल्में: दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जो भरोसे, अपनेपन, सम्मान और साथ रहने की भावना के साथ अपने आप बन जाता है. हम सबकी जिंदगी में परिवार के बाद, सबसे खास रिश्ता दोस्ती का ही होता है. दोस्त से हम बिना किसी डर के कुछ भी शेयर कर सकते हैं. इस खास रिश्ते का सम्मान करने के लिए हर साल 30 जुलाई को इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है. इस दिन का मकसद लोगों के बीच प्यार, भरोसा, शांति और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है.
अगर आप अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ इस खास मौके को यादगार बनाना चाहते हैं, तो साथ में दोस्ती पर बनी बॉलीवुड फिल्में देखना एक बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. बॉलीवुड ने कई ऐसी फिल्में बनाई हैं जो दोस्ती के अलग-अलग पहलुओं को दिखाती हैं- कभी मजाक, कभी त्याग, कभी संघर्ष और कभी एक-दूसरे की चुनौतियों का सामना करने का जज्बा। ये फिल्में न सिर्फ मनोरंजन करती हैं बल्कि दोस्ती की अहमियत भी सिखाती हैं. यहां जानें दोस्त के साथ देखने वाली 10 बेस्ट बॉलीवुड फिल्में कौन सी हैं. इसके साथ ही हम इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे का इतिहास, उसका महत्व और इस साल की थीम के बारे में जानेंगे.
शोले (1975)
बॉलीवुड में जब भी दोस्ती की बात होती है, तो “शोले” का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है। 80 के दशक में बनी इस फिल्म को लेजेंड्री कहा जाता है और जय और वीरू की दोस्ती आज भी एक मिसाल मानी जाती है. दोनों एक-दूसरे के लिए कोई भी रिस्क लेने को तैयार रहते हैं. फिल्म सिखाती है कि सच्चा दोस्त वही होता है जो हर मुश्किल में आपके साथ खड़ा हो. “यह दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” गाना आज भी हर फ्रेंडशिप डे पर सोशल मीडिया पर छाया रहता है.

दिल चाहता है (2001)
आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना स्टारर यह फिल्म आज के जमाने की दोस्ती को खूबसूरती से दिखाती है. तीनों दोस्तों की सोच अलग-अलग है, लेकिन उनके रिश्ते की गहराई कभी कम नहीं होती. गलतफहमियां होती हैं, दूरियां बढ़ती हैं, लेकिन आखिर में दोस्ती सब कुछ ठीक कर देती है. यह फिल्म दोस्ती को देखने का आपका नजरिया बदल देगी.
रंग दे बसंती (2006)
‘रंग दे बसंती’ सिर्फ देशभक्ति वाली फिल्म नहीं है, बल्कि गहरी दोस्ती की कहानी भी है. कुछ बेफिक्र दोस्त अपनी कॉलेज लाइफ के मजे लेते हैं, लेकिन फिर कुछ ऐसा हो जाता है, जिससे सभी की जिंदगियां बदल जाती हैं. वे अपने दोस्त के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ते हैं और साबित करते हैं कि सच्ची दोस्ती सिर्फ खुशी तक ही सीमित नहीं होती बल्कि मुश्किल वक्त में भी उनके साथ खड़ी रहती है. रंग दे बसंती के गाने आज भी सोशल मीडिया पर दोस्ती और क्रांति से जुड़े पोस्ट में सुनने को मिलते हैं.
3 इडियट्स (2009)
रणछोड़दास, फरहान और राजू की दोस्ती को दिखाती आइकॉनिक पिक्चर 3 इडियट्स लाखों लोगों का दिल जीता है. कॉलेज लाइफ, करियर के प्रेशर और जिंदगी की चुनौतियों के बीच तीनों एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं. फिल्म दिखाती है कि अच्छे दोस्त सिर्फ आपको हंसाते ही नहीं हैं बल्कि सही रास्ता भी दिखाते हैं. यही वजह है कि यह फिल्म पीढ़ियों से पसंदीदा बनी हुई है. यह फिल्म आपके कॉलेज लाइफ के मेमोरीज को भी रीफ्रेश कर देगी.
जिंदगी ना मिलेगी दोबारा (2011)
बचपन के तीन दोस्त स्पेन के रोड ट्रिप पर निकलते हैं. इस सफर के दौरान, वे अपने डर का सामना करते हैं, पुरानी दुश्मनी दूर करते हैं और जिंदगी को एक नए नजरिए से देखना सीखते हैं. फिल्म यह मैसेज देती है कि दोस्ती सिर्फ साथ में घूमने-फिरने के बारे में नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को बेहतर इंसान बनाने के बारे में भी है.

रॉक ऑन!! (2008)
“रॉक ऑन!!” चार दोस्तों की कहानी है जो कभी एक सफल म्यूजिक बैंड का हिस्सा थे. एक गलतफहमी और अनबन की वजह से उनका बैंड टूट जाता है और सब अपनी-अपनी जिंदगी में बिजी हो जाते हैं. कई सालों बाद, हालात उन्हें फिर से एक साथ ले आते हैं. म्यूजिक के जरिए, वे पुरानी शिकायतें भूल जाते हैं और अपनी दोस्ती को फिर से जिंदा करते हैं. यह फिल्म दिखाती है कि अगर दोस्ती सच्ची हो, तो समय और दूरी भी उसे खत्म नहीं कर सकते.
छिछोरे (2019)
“छिछोरे,” कॉलेज लाइफ और दोस्ती के बारे में एक बहुत ही इंस्पायरिंग और इमोशनल फिल्म है. इसमें कुछ पुराने दोस्त सालों बाद फिर से मिलते हैं और अपने कॉलेज के दिनों की यादों के जरिए जिंदगी की मुश्किलों को सुलझाते हैं. फिल्म दिखाती है कि नाकामी जिंदगी का अंत नहीं है, बल्कि यह उससे सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा है. फिल्म न सिर्फ दोस्ती को सेलिब्रेट करती है बल्कि जिंदगी के बारे में एक पॉजिटिव नजरिया भी दिखाती है. साथ ही यह फिल्म बताती है कि मुश्किल समय में दोस्तों का साथ मिलने से बड़ी से बड़ी परेशानियां हल हो सकती हैं.
क्या चल रहा है! (2013)
“काई पो छे!” तीन दोस्तों की कहानी है जिनके सपने अलग-अलग हैं लेकिन मकसद एक ही है- एक-दूसरे को सपोर्ट करना. वे अपना बिजनेस शुरू करते हैं और जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं. पॉलिटिक्स, सोशल टेंशन और पर्सनल चैलेंज उनकी दोस्ती का टेस्ट लेते हैं. कई मुश्किल हालात का सामना करने के बावजूद, उनका भरोसा उन्हें एक साथ रखता है. फिल्म जिम्मेदारी, भरोसे और त्याग की अहमियत को भी खूबसूरती से दिखाती है.
फुकरे (2013)
अगर आप दोस्ती के साथ कॉमेडी और एंटरटेनमेंट का मिक्स ढूंढ रहे हैं, तो “फुकरे” एक बढ़िया चॉइस है. चार दोस्तों की अजीबोगरीब स्कीम और उनके बनाए मजेदार सिचुएशन दर्शकों को खूब हंसाते हैं. वे हर मुश्किल में एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं और हर चैलेंज का मिलकर सामना करते हैं. फिल्म का ह्यूमर दर्शकों का खूब मनोरंजन करता है, लेकिन इसकी मेन स्टोरी में दोस्तों के बीच अटूट विश्वास, सपोर्ट और एकता है. इसीलिए इस फिल्म को दोस्ती पर आधारित सबसे पसंदीदा कॉमेडी में से एक माना जाता है.

मुन्नाभाई M.B.B.S. (2003)
क्यों खास हैं ये फिल्में ?
इन फिल्मों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये दोस्ती को अलग-अलग पहलुओं में दिखाती हैं. कुछ मामलों में दोस्त एक-दूसरे के सपनों का साथ देते हैं, कुछ में मुश्किल समय में ढाल बनकर खड़े होते हैं, तो कुछ में जिंदगी की गलतियों से सीखने में मदद करते हैं. यही वजह है कि इन फिल्मों के किरदार आज भी लोगों को उनके दोस्तों की याद दिलाते हैं.
दोस्ती पर बनी ये फिल्में न सिर्फ मनोरंजन करती हैं बल्कि रिश्तों की अहमियत भी समझाती हैं. ये दिखाती हैं कि जिंदगी में पैसा, कामयाबी और शोहरत भले ही बदल जाए, लेकिन एक सच्चा दोस्त हमेशा सबसे बड़ा खजाना होता है. अगर आपने अभी तक इनमें से कोई भी फिल्म नहीं देखी है, तो अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ इन्हें जरूर देखें. यकीन मानिए, आपको हंसी, इमोशन, यादें और प्रेरणा- सब कुछ एक साथ मिलेगा. इसीलिए ये फिल्में सालों बाद भी उतनी ही पसंद की जाती हैं और दोस्ती का जश्न मनाने के लिए हमेशा परफेक्ट चॉइस मानी जाती हैं.
इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे का इतिहास और महत्व
इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे की घोषणा संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली ने 2011 में की थी ताकि लोगों, देशों और संस्कृतियों के बीच दोस्ती की कोशिशों को बढ़ावा दिया जा सके और समुदायों के बीच पुल बनाया जा सके. यह प्रस्ताव युवाओं को भविष्य के लीडर के तौर पर सामुदायिक गतिविधियों में शामिल करने के महत्व पर जोर देता है. इसे 1997 में यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली ने अपनाया था.
इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स को ऐसे इवेंट्स, एक्टिविटीज और पहल करने के लिए बढ़ावा देता है जो सभ्यताओं के बीच बातचीत, एकजुटता, आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देने के प्रयासों में योगदान दें. इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे की शुरुआत UNESCO के शांति प्रस्ताव से हुई थी. इसका मकसद दुनिया में लड़ाई-झगड़े और हिंसा को रोकना और समाज में शांतिपूर्ण माहौल बनाना है. यह आइडिया लोगों को ऐसी सोच और अच्छा व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करता है जिससे झगड़े जबरदस्ती के बजाय बातचीत से हल हो सकें. सीधे शब्दों में कहें तो, यह दिन हमें किसी भी समस्या को ऊपर-ऊपर से देखने के बजाय उसकी असली वजहों को समझना, उसे खत्म करना और दोस्ती के जरिए दुनिया से नफरत को खत्म करके शांति से रहना सिखाता है.
साल में दो बार मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे
फ्रेंडशिप डे साल में दो बार मनाया जाता है, जिससे कई लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि फ्रेंडशिप डे के लिए दो अलग-अलग तारीखें क्यों हैं और उन्हें किस दिन मनाना चाहिए. बता दें, इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे 30 जुलाई को मनाया जाता है, वहीं भारत समेत कई देशों में फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है. यही वजह है कि फ्रेंडशिप डे हर साल सोशल मीडिया पर दो बार ट्रेंड करता है, जिससे लोग असली तारीख को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं.
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