Home Top News पंजाब में भूपेश बघेल का 9 दिवसीय दौरा

पंजाब में भूपेश बघेल का 9 दिवसीय दौरा

by Live India
पंजाब में भूपेश बघेल का 9 दिवसीय दौरा

3

Bhupesh Baghel Punjab Visit: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल 31 जुलाई से 8 अगस्त तक राज्य के नौ दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे पंजाब के 16 जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे. हालांकि, इस दौरे से पहले ही पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही गुटबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है.

बैठकों से निकलेगा समाधान?

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक लंबे समय से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए बदलाव की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान ने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. ऐसे में भूपेश बघेल का यह दौरा केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है.

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चन्नी समर्थक नेता भूपेश बघेल की बैठकों में शामिल होंगे. चन्नी गुट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जिन कार्यक्रमों में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग मौजूद होंगे, उनका वह बहिष्कार करेगा. ऐसे में यदि विरोधी गुट बैठकों से दूरी बनाए रखता है तो संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कोशिशों को झटका लग सकता है.

अंतिम फैसले का इंतजार

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान अभी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर अंतिम फैसला नहीं होने के कारण पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. दूसरी ओर, चन्नी गुट लगातार अपने समर्थक नेताओं के साथ संपर्क बनाए हुए है और संगठन के भीतर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस किसी भी तरह की अंदरूनी कलह को लंबा नहीं खींचना चाहती. पार्टी चाहती है कि चुनावी तैयारियों से पहले संगठन को एकजुट किया जाए और कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा किया जाए. इसी उद्देश्य से भूपेश बघेल अलग-अलग जिलों में जाकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे.

यह रहेगा दौरे का शेड्यूल

भूपेश बघेल 30 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंचेंगे. इसके बाद 31 जुलाई को फतेहगढ़ साहिब और मोहाली में बैठकें करेंगे. 1 अगस्त को पटियाला और संगरूर, 2 अगस्त को बरनाला और मानसा, 3 अगस्त को बठिंडा और श्री मुक्तसर साहिब, 4 अगस्त को फाजिल्का और फिरोजपुर का दौरा करेंगे.

इसके बाद 5 अगस्त को मोगा और फरीदकोट, 6 अगस्त को लुधियाना, 7 अगस्त को मालेरकोटला और खन्ना तथा 8 अगस्त को नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर) और रूपनगर (रोपड़) में बैठकों का आयोजन किया जाएगा. इन बैठकों में जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं के अलावा पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है.

भूपेश बघेल का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पंजाब कांग्रेस को सबसे बड़ी चुनौती अपने ही नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों को दूर करने की है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह दौरा पार्टी के भीतर जारी गुटबाजी को कम कर पाएगा या फिर नेतृत्व विवाद और अधिक गहरा जाएगा. आने वाले दिनों में इन बैठकों का राजनीतिक संदेश पंजाब कांग्रेस की आगामी रणनीति और चुनावी तैयारियों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

2027 से पहले पंजाब कांग्रेस में बदलाव की आहट! नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों से गरमाई सियासत2027 से पहले पंजाब कांग्रेस में बदलाव की आहट! नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों से गरमाई सियासत

Related Articles