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ड्रोन से रूस ने बरपाया यूक्रेन पर कहर!

by Live India
ड्रोन से रूस ने बरपाया यूक्रेन पर कहर!

रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी युद्ध में अभी तक दोनों तरफ से हमले कम नहीं हुए हैं. एक तरफ जहां यूक्रेन ड्रोन से हमला करके मास्को क्षेत्र की तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचाने का दावा करता है. वहीं, रूस भी अगले दिन तक कीव समेत दर्जनों शहरों पर हमला करके करारा जवाब देता है. आमतौर पर लंबे समय तक युद्ध चलने के बाद बातचीत के जरिए समाधान की कोशिशें शुरू हो जाती हैं. लेकिन यहां पर मामला दूसरा है, कोई सार्थक बातचीत नहीं हो रही बल्कि हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं. हाल यह है कि राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की विभिन्न देशों से सैन्य और आर्थिक सहायता जुटाने में लगे हैं. दूसरी तरफ रूस भी पूरी ताकत के साथ हमला कर रहा है और अपने हथियारों का युद्ध के मैदान में जबरदस्त प्रदर्शन दिखा रहा है. इसी कड़ी में रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन की बड़े पैमाने पर बरसात कर दी. इस हमले में बच्चों समेत 8 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए. साथ ही इन हमले ने यूक्रेन में लगातार हो रही बमबारी की गंभीरता को और बढ़ा दिया. बताया जा रहा है कि यूक्रेन को पश्चिमी देशों से मिली एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की कीव को भारी कीमत चुकाने के लिए मास्को ने अपने हमले तेज कर दिए हैं.

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बैलिस्टिक मिसाइलों से करारा जवाब दिया जाएगा

यह हमला जेलेंस्की की वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी डिफेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई मुलाकात के दो दिन बाद हुआ है. इस मुलाकात के दौरान जेलेंस्की ने ‘पेट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम’ की बड़ी मात्रा में सप्लाई की मांग की ताकि रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों का करारा जवाब दिया जा सके. वहीं, ईरान से जारी युद्ध के बीच अमेरिका में बने इंटरसेप्टर का स्टॉक खत्म हो गया है. यही वजह है कि ट्रंप ने यूक्रेन को अपने खुद के पेट्रियट सिस्टम बनाने के लिए लाइसेंस देने का वादा किया है. हालांकि, इसके प्रोडक्शन को शुरू करने में काफी समय लग सकता है. जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा था कि हमारे सहयोगियों की तरफ भारी संख्या में एयर डिफेंस मिसाइलों की सप्लाई नहीं होने के बाद भी हमारे सैनिकों ने अभी तक शानदार जंग लड़ी है. उन्होंने आगे कहा कि रूस का यह रूसी हमले एक बार फिर साबित करते हैं कि जब हमारे लोगों की जान बचाने की बात आती है, तो मास्को अपने हमले तेज कर देता है. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के कम से कम 10 इलाकों पर हमले हुए, जिनमें दर्जनों घर, कारोबार और बुनियादी ढांचे की सुविधाएं या तो नष्ट हो गईं या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है.

रूसी मिसाइल ड्रोन ने यूक्रेन पर हमला किया

280 से ज्यादा दागे ड्रोन

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस ने 70 से ज्यादा मिसाइलें दागीं और उसमें से कई बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. साथ ही 280 से ज्यादा ड्रोन से भी हमले किए गए, जिनमें से 260 को नाकाम कर दिया गया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने यूक्रेन के एयर बेस, हथियारों की फैक्ट्रियों और मिलिट्री टेलीकम्युनिकेशन व लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को निशाना बनाया. मंत्रालय ने यह भी बताया कि इन हमलों में ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियां और स्टोरेज डिपो, एक मिसाइल प्लांट, एक एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री और एक केमिकल प्लांट शामिल थे. क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांद्र हंझा ने बताया कि निप्रॉपेट्रोव्स्क इलाके में रूसी हमले में छह लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए. इसके अलावा जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह इलाके में एक 6 साल की बच्ची और 11 व 17 साल के लड़के भी मारे गए. जेलेंस्की ने कहा कि उसी हमले में बच्चों के माता-पिता की मौत हो गई, लेकिन मलबे के नीचे से दो और बच्चों को जिंदा निकाला गया. उन्होंने X पर कहा कि यह एक आम घर था, जिसे बैलिस्टिक मिसाइल ने पूरी तरह तबाह कर दिया. नेशनल पुलिस प्रेस सर्विस ने बताया कि कीव में रूसी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें एक 31 साल के व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. लविव रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख मैक्सिम कोज़ित्स्की के अनुसार, पश्चिमी शहर लविव में क्रूज मिसाइल हमले में 34 लोग घायल हो गए, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं.

रूसी मिसाइल ड्रोन ने यूक्रेन पर हमला किया

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गोदामों पर किया गया ड्रोन से हमला

रीजनल मिलिट्री हेड विटाली डियाकिवनिच ने बताया कि पोल्टावा इलाके में एक ड्रोन ने कंपनी के गोदामों पर हमला किया और इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की सुबह रूसी सेना ने दक्षिणी शहर खेरसॉन के एक इंडस्ट्रियल जोन पर तीन शक्तिशाली ग्लाइड बम भी गिराए, जिसमें 56 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने X पर कहा कि रूस की Kh-101 क्रूज़ मिसाइल ने रात में पोलैंड की सीमा में घुसकर NATO के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया. सिबिहा ने इसे इस बात का साफ सबूत बताया कि यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना बहुत जरूरी है और यह पूरे यूरोप की सुरक्षा की गारंटी है. पोलैंड की सेना के ऑपरेशनल कमांड ने बताया कि आधी रात को पश्चिम की ओर उड़ती हुई एक अज्ञात चीज को पोलैंड के हवाई क्षेत्र में देखा गया और उसे रोकने के लिए F-16 लड़ाकू विमान भेजा गया. कमांड ने बताया कि पहचान होने से पहले ही वह चीज रडार स्क्रीन से गायब हो गई. कमांड ने एक्स हैंडल पर लिखा कि एक हेलिकॉप्टर उस जगह पर भेजा गया जहां वह चीज आखिरी बार देखी गई थी. क्रू को लुब्लिन प्रांत के एक खेती वाले इलाके में उसके गिरने की संभावित जगह मिली. जेलेंस्की ने बुधवार को लुब्लिन में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मुलाकात की और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. पोलैंड के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि क्या कोई चीज गिरी है या नहीं. टस्क ने गुरुवार सुबह उस जगह का मुआयना करने के लिए वहां का दौरा किया.

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गोदाम पर हमले से पहले 200 कर्मचारियों को बचाया

इस बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम ने रात भर में यूक्रेन के 258 ड्रोन मार गिराए. मास्को के दक्षिण-पूर्व में रूस के पेन्जा इलाके में ऑनलाइन रिटेलर ‘वाइल्डबेरीज’ के एक गोदाम में आग लगा दी गई. कंपनी के गोदामों पर हुए हमलों की यह ताजा घटना है. पेन्जा के गवर्नर ओलेग मेलनिचेंको ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया और 200 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. वाइल्डबेरीज कंपनी यह भी बताया कि यूक्रेन से 1,000 किलोमीटर दूर उदमुरतिया इलाके के सारापुल में स्थित उसके गोदाम पर यूक्रेनी ड्रोन से हमला हुआ और उसमें आग लग गई. हालांकि, कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था. इसके अलावा रूस के ऑनलाइन न्यूज आउटलेट ‘एस्ट्रा’ ने खबर दी कि यूराल के पर्म इलाके में वाइल्डबेरीज के एक और गोदाम में यूक्रेनी ड्रोन हमले से आग लग गई. क्षेत्रीय अधिकारियों ने यूक्रेनी ड्रोन हमले की पुष्टि की, लेकिन नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. यूक्रेन का आरोप है कि वाइल्डबेरीज ऐसे सामान की सप्लाई करती है जिनका इस्तेमाल रूसी सेना कर सकती है. अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेस के कमांडर रॉबर्ट ‘मैडयार’ ब्रोवडी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर बताया कि यूक्रेनी ड्रोन यूनिट्स ने रूस के तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ (प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाले टैंकरों का बेड़ा) के चार और जहाजों को नष्ट कर दिया. इसके साथ ही 6 जुलाई को शुरू हुए ऑपरेशन के बाद से नष्ट किए गए जहाजों की कुल संख्या 205 हो गई है.

रूसी मिसाइल ड्रोन ने यूक्रेन पर हमला किया

क्या पोलैंड में घुसी रूसी मिसाइल?

इस बीच NATO सदस्य पोलैंड उन यूक्रेनी रिपोर्टों की जांच कर रहा है जिनमें कहा गया है कि हमले के दौरान एक रूसी क्रूज मिसाइल उसके हवाई क्षेत्र में घुस गई थी. यह घटना पश्चिमी सैन्य गठबंधन और मॉस्को के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है. क्रेमलिन के बड़े इरादों पर शक करने वाले यूरोपीय देशों को डर है कि यूक्रेन का युद्ध उनके इलाके तक भी फैल सकता है. यह हमला यूक्रेन के कई इलाकों में हुआ, जो पोलैंड की सीमा के काफी करीब हैं. माना जाता है कि रूस के खिलाफ अपनी लड़ाई के लिए यहीं पर हथियार जमा करता है और बनाता है. लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों ने रूस के तेल सेक्टर को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे वहां ईंधन का संकट पैदा हो गया है.

रिफाइनरियों को यूक्रेन ने बनाया निशाना

बता दें कि यूक्रेन लगातार रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है. हालांकि, जिन दो (लुकोइल और रियाजान) रिफाइनरी पर यूक्रेन निशाना बनाकर हमला करने की बात कह रहा है उनसे मास्को सालाना 30 मिलियन टन तेल का उत्पादन करता है. साथ ही ये रिफाइनरी रूस की सैन्य क्षमता और सरकारी राजस्व में अहम योगदान देती हैं. यूक्रेन पिछले कई महीनों से स्वदेशी लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों के जरिए रूस की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा कर रहा है. माना जा रहा है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस के ऊर्जा ढांचे और ईंधन आपूर्ति पर दबाव बढ़ाना है.

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