6
Youtube Operation: बिहार के भागलपुर में यूट्यूब देखकर गर्भवती का ऑपरेशन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. कहलगांव के एक निजी क्लीनिक में झोलाछाप डॉक्टर की इस लापरवाही से महिला की मौत हो गई.
9 जनवरी 2026
यूट्यूब ऑपरेशन: बिहार के भागलपुर में यूट्यूब देखकर गर्भवती का ऑपरेशन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. कहलगांव के एक निजी क्लीनिक में झोलाछाप डॉक्टर की इस लापरवाही से महिला की मौत हो गई, जबकि बच्चा सुरक्षित है. घटना से आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.मृतक महिला की पहचान स्वाति देवी (31) के रूप में हुई है. मृतका का ससुराल झारखंड के ठाकुरगंटी मोढिया में है. पति रोशन साह मजदूरी करता है. मृतका की माता सुषमा देवी की देखरेख में महिला का इलाज श्रीमठ स्थान स्थित एक झोलाछाप के क्लीनिक में चल रहा था. गुरुवार रात अचानक महिला के पेट में प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे. डॉक्टर ने अपने सहयोगी के साथ महिला की हालत देखकर परिजनों को ऑपरेशन करने की बात बताई.
क्लीनिक बंद कर भागा डॉक्टर
परिजनों ने सहमति जताई. इसके बाद डॉक्टर ने शुक्रवार को यूट्यूब से वीडियो निकालकर ऑपरेशन की तकनीक को समझा. इसके बाद बिना जरूरी सुविधा के महिला का ऑपरेशन शुरू कर दिया. ऑपरेशन के दौरान ही महिला की मौत हो गई, जबकि नवजात शिशु को सुरक्षित निकाल लिया गया. डॉक्टर और उसके सहयोगी ने परिजनों को ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत ठीक नहीं बताते हुए दूसरे डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह देकर मरीज को सौंप दिया और अपना क्लीनिक बंद कर वहां से भाग गया. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और सहयोगी बार-बार वीडियो को रिपीट कर देख रहे थे, जिस कारण महिला का अत्यधिक रक्तस्राव हो गया और उसकी मौत हो गई. गौरतलब हो कि श्रीमठ स्थान के पास अमोद साह के मकान में वर्षों से यह क्लीनिक चल रहा है. इस क्लीनिक में पूर्व में भी घटनाएं घटी हैं और हंगामा हुआ है, लेकिन मामला रफा-दफा हो जाने के कारण क्लीनिक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
परिजनों ने क्लीनिक पर किया हंगामा
बीते दो साल से रसलपुर का रहने वाला रंजीत मंडल, पिता सुभाष मंडल, एक महिला और एक पुरुष सहयोगी के साथ यह क्लीनिक चला रहा है. मृतक महिला की दादी संजु देवी ने बताया कि इस क्लीनिक का पता गांव की आशा कर्मी ने दिया था और वही उसे यहां लेकर आई थी. उन्होंने बताया कि जब पेट में दर्द शुरू हुआ तो पोती को लेकर यहां पहुंचे. इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर ने 30 हजार रुपये की मांग की. डॉक्टर ने बताया कि 30 हजार में ऑपरेशन हो जाएगा. सहमति जताने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया. दो घंटे बाद डॉक्टर ने कहा कि मरीज को यहां से लेकर जाइए, हालत खराब है, जबकि इस दौरान मेरी पोती की मौत हो चुकी थी. घटना से आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया. स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने बताया कि पहले भी यह डॉक्टर यूट्यूब देखकर इलाज करता रहा है. उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए और दोषी डॉक्टर के साथ-साथ अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं इस मामले में प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पवन कुमार ने कहा कि इस मामले की जानकारी अभी उन्हें मिली है. जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ये भी पढ़ेंः हिमाचल में भीषण हादसाः शिमला जा रही सवारियों से भरी बस खाई में गिरी, आठ की मौके पर ही मौत
