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Iran Offer to US:ईरान ने US के सामने रख दी ये 2 बड़ी शर्तें

by Live India
Iran Offer to US

Iran Offer to US: ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की उम्मीद कम है, क्योंकि इससे उनका एकमात्र लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा.

28 अप्रैल, 2026

अमेरिका और ईरान का युद्ध सीजफायर पर आकर रुक गया है, लेकिन दोनों ही युद्ध खत्म करने के लिए अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं. ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम छोड़ने को तैयार नहीं है और अमेरिका का एकमात्र लक्ष्य इसे रोकना है. इस बीच ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म के लिए कुछ शर्तें रखी हैं. ईरान ने प्रस्ताव रखा है की अगर US उनके देश पर से अपनी नाकाबंदी हटा ले और युद्ध खत्म कर दे, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल देगा. साथ ही इस प्रस्ताव से इस्लामिक रिपब्लिक के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चर्चा टाल दी जाएगी.

ट्रंप ने की चर्चा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की उम्मीद कम है, क्योंकि इससे न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने का उद्धेश्य पूरा नहीं होगा, जिसकी वजह से US और इजराइल 28 फरवरी को युद्ध में उतरे थे. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप की नेशनल सिक्योरिटी टीम सोमवार को मिली और ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही थी. लेकिन उन्होंने चर्चा या प्रस्ताव को कैसे लिया गया, इस बारे में कोई डिटेल नहीं दी. उन्होंने कहा कि ट्रंप इस पर बाद में बात करेंगे.

रूस ईरान की पार्टनरशिप

ईरान का यह ऑफर तब सामने आया जब ईरान के विदेश मंत्री रूस गए, जो लंबे समय से तेहरान का एक अहम सपोर्टर रहा है. अराघची ने रूस के एक सरकारी टीवी रिपोर्टर से कहा कि US और उसके नेताओं ने जंग में “अपना कोई भी मकसद हासिल नहीं किया है. इसीलिए वे बातचीत के लिए कह रहे हैं.” अराघची ने कहा कि ईरान और रूस स्ट्रेटेजिक पार्टनर हैं और उनका कोऑपरेशन जारी रहेगा. यह मीटिंग ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान ईरान और US के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है और वीकेंड में इस्लामाबाद में बातचीत की उम्मीद थी. वहीं, ट्रंप ने अपने दूतों का दौरा रद्द कर दिया और सुझाव दिया कि बातचीत फ़ोन पर हो सकती है.

अमेरिका ईरान के बीच बातचीत फेल

11 और 12 अप्रैल को हुई US-ईरान बातचीत का पहला राउंड फेल हो गया, क्योंकि ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका की शर्तें नहीं मानी, जिसके बाद मेजबान पाकिस्तान ने तनाव कम करने और बातचीत के दूसरे राउंड की उम्मीद जगाने के लिए कई डिप्लोमैटिक कोशिशें कीं. इसके बाद 27 अप्रैल, 2026 तक दूसरे दौर की बातचीत के लिए प्रयास किए गए, लेकिन तनाव और नई चेतावनियों के बीच ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा रद्द कर दी, जिससे दूसरे दौर की बातचीत नहीं हो पाई.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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