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म्यांमार के राष्ट्रपति की भारत यात्रा: भारत और म्यांमार एक-दूसरे के पड़ोसी हैं. म्यांमार से भारत की करीब 1640 किलोमीटर से अधिक की सीमा लगती है. देश की पड़ोसी फर्स्ट नीति हमेशा से अपने आसपास के देशों के साथ रिश्ते और सहयोग को मजबूत करने में मदद करती रही है. इस बीच म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग (U Min Aung Hlaing) का भारत दौरा हो रहा है. यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक, म्यांमार के प्रेसिडेंट U Min Aung Hlaing 30 मई को भारत आ रहे हैं. अप्रैल 2026 में म्यांमार के राष्ट्रपति बनने के बाद यू मिन आंग ह्लाइंग की यह पहली आधिकारिक भारत की यात्रा है. वे 30 मई से पांच दिनों की यात्रा पर भारत आ रहे हैं. इस बीच दोनों देशों के संबंधों को और भी मजबूती मिलने की बात कही जा रही है.
इस पांच दिवसीय दौरे (30 मई से 03 जून 2026) के दौरान यू मिन आंग ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा व सहयोग समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे. आइए इनके दौरे के कुछ खास कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं.
1 जून को पीएम मोदी से मुलाकात
मिली जानकारी के अनुसार, म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत की पांच दिनों की यात्रा शनिवार से शुरू हो रही है. इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों का पता लगाना है. दिसंबर से जनवरी तक पड़ोसी देश म्यांमार में हुए संसदीय चुनावों के बाद भारत की यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा है. म्यांमार के राष्ट्रपति को 1 जून को अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन (International Big Cat Alliance Summit) में भाग लेने के लिए भारत आना था, लेकिन शिखर सम्मेलन स्थगित होने के कारण उनकी इस यात्रा का समय बदल दिया गया है.
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, म्यांमार के राष्ट्रपति के साथ कई कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दोनों देशों के बीच “ऐतिहासिक और सभ्यतागत” संबंधों को और मजबूत करने के लिए चर्चा करेंगे.
30 मई को बिहार जाएंगे राष्ट्रपति
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी आधिकारिक यात्रा के तहत राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई को बिहार के बोधगया जाएंगे. उसके बाद वे 2 जून को मुंबई की यात्रा करेंगे, जहां वे व्यापार और उद्योग जगत से बातचीत करेंगे और विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे. जानकारी के मुताबिक, म्यांमार भारत की ‘पड़ोसी पहले’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों के संगम पर स्थित है.
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत की आधिकारिक यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूत और गहरा करने की उम्मीद है.”
फरवरी 2021 में म्यांमार में तख्तापलट
बता दें कि फरवरी 2021 में म्यांमार में आंग सान सू ची की सरकार का तख्तापलट हो गया था. तब देश की कमान सेना के हाथों में चली गई थी. यह तख्तापलट तब हुआ जब 1 फरवरी 2021 को चुनाव के बाद संसद की पहली बैठक होने वाली थी. जानकारी के अनुसार, 2021 में तख्तापलट के बाद ह्लाइंग ने कड़े और सख्त सैन्य नियंत्रण के साथ म्यांमार का नेतृत्व किया.
अप्रैल 2026 में उन्हें देश के निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई. म्यांमार में दिसंबर से जनवरी तक संसदीय चुनाव हुए थे. इसमें आंग सान सू ची की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी सहित कई राजनीतिक दलों ने हिस्सा लेने मना कर दिया था.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
