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Puri Rath Yatra : पुरी रथ यात्रा में भारी भीड़ होने की वजह से रथ यात्रा के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस दौरान कई श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ की भी खबर सामने है. बताया जा रहा है कि इस दौरान कई लोग बीमार भी हो गए और उन्हें अस्पताल पहुंचा गया. दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि कोई भगदड़ नहीं मची थी सिर्फ भारी भीड़ होने की वजह से एक महिला की दम घुटने से मौत हो गई.
ग्रैंड रोड पर जमा हो गई थी भारी भीड़
जानकारी से पता चला है कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को जब मंदिर से बाहर निकाला जा रहा था. उस वक्त ग्रैंड रोड पर दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई. इस दौरान दम घुटने से एक श्रद्धालु बेहोश हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं, स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया और प्रभावित श्रद्धालुओं को बाहर निकाला. इसके बाद उन्हें पुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके अलावा प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और इमरजेंसी मेडिकल टीमें तैनात कर दी गई हैं.
वीडियो | पुरी: जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान कई श्रद्धालु बेहोश हो गये.
(पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/nejFj72WE7
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 16 जुलाई, 2026
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पूर्वी सीएम ने जताया दुख
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दुख व्यक्त किया. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि रथ यात्रा के दौरान बडाडांडा में मची भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है. मैं जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति और घायल हुए सौ से ज़्यादा श्रद्धालुओं के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. दुख की इस घड़ी में बीजू जनता दल के सभी कार्यकर्ता हर संभव मदद के लिए पूरा सहयोग देंगे. मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार भीड़ का सही प्रबंधन करके श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.
रथ यात्रा हो गई है शुरू
दुनिया भर में प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा गुरुवार को शुरू हो गई है. लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को 12वीं शताब्दी के प्रसिद्ध मंदिर गुंडिचा मंदिर तक की वार्षिक यात्रा के लिए इकट्ठा हो गए. घंटे-घड़ियाल, शंख और झांझ की ध्वनियों के बीच पहले चक्रराज सुदर्शन को मुख्य मंदिर से बाहर निकाला गया. देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ पर स्थापित किया गया.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
