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SIR पर SC का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन (SIR) के बारे में बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि चुनाव आयोग के पास स्पेशल रिवीजन (SIR) करने का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करने के चुनाव आयोग के अधिकार को सही ठहराया. कोर्ट ने कहा कि SIR का इस्तेमाल करके ECI को अपनी कानूनी शक्तियों का उल्लंघन करते हुए नहीं देखा जा सकता. इसे “अल्ट्रा वायर्स” यानी शक्तियों से परे भी नहीं कहा जा सकता.
CJI सूर्यकांत का फैसला
SIR पर, CJI सूर्यकांत ने कहा कि सभी पार्टियों की अलग-अलग दलीलों पर विचार करने और घटनाओं के क्रम, पार्टियों द्वारा पेश की गई दलीलों और रिकॉर्ड में मौजूद मटीरियल को रिव्यू करने के बाद, हमारा मानना है कि इन मुद्दों का एनालिसिस करने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा हम इस बात से भी संतुष्ट हैं कि SIR का मकसद सीधे तौर पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक लक्ष्य से जुड़ा है. SC का मानना है कि EC के पास संवैधानिक स्कीम और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के तहत इलेक्टोरल रोल का SIR करने का अधिकार है.
कोर्ट ने कहा कि तेजी से शहरीकरण और बड़े पैमाने पर माइग्रेशन एसआईआर के लिए सही कारण थे. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई प्रोसेस शुरू में अजीब या शक वाला लगता है, तो भी उसे सही सुरक्षा उपायों के साथ संवैधानिक रूप से सही बनाया जा सकता है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
