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Share Market की ऊंची छलांग के बीच Solar Stocks में ब्लैकआउट

by Live India
Sensex की ऊंची छलांग के बीच Solar Stocks में ब्लैकआउट, Share Market में बिगड़ा रिन्यूएबल सेक्टर का खेल

Share Market Update: शेयर बाजार की दुनिया में आज की सुबह सोलर सेक्टर के लिए काफी बुरी रही. सेंसेक्स और निफ्टी की छलांग के बीच आज सोलर शेयर्स ने इन्वेस्टर्स की जेबें खाली कर दीं.

25 फरवरी, 2026

शेयर मार्केट की कलरफुल दुनिया में बुधवार की सुबह कुछ इन्वेस्टर्स के लिए खुशियां लेकर आई, तो सोलर सेक्टर में पैसा लगाने वालों के लिए ये किसी डरावने सपने से कम नहीं रही. जहां एक तरफ सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान के साथ झूम रहे थे, वहीं सोलर पैनल बनाने वाली बड़ी कंपनियों, यानी वारी एनर्जीज और प्रीमियर एनर्जीज के शेयर्स में जबरदस्त चीख-पुकार मची रही. वजह कोई छोटी-मोटी नहीं, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका से आई एक ऐसी खबर है जिसने इंडियन सोलर कंपनियों के प्रोफिट की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

क्या है मामला?

दरअसल, अमेरिका ने भारत से होने वाले सोलर सेल और पैनल के इम्पोर्ट पर भारी-भरकम चार्ज लगाने का फैसला किया है. ये चार्ज कोई 10 या 20 प्रतिशत नहीं, बल्कि सीधे 126 प्रतिशत के करीब है. अमेरिकी सरकार का मानना है कि भारतीय सोलर कंपनियां अपनी सरकार से मिलने वाली सब्सिडी का फायदा उठाकर वहां की मार्केट में प्रोडक्ट्स बेच रही हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो रहा है.

खबर ने मचाई हलचल

जैसे ही ये खबर दलाल स्ट्रीट तक पहुंची, सोलर शेयर्स में प्रोफिट बुकिंग का ऐसा तूफान आया कि वारी एनर्जीज के शेयर सुबह 9:30 बजे तक करीब 14.6 प्रतिशत टूटकर 2,580.5 रुपये पर आ गए. वहीं, प्रीमियर एनर्जीज का हाल भी कुछ अलग नहीं था, जिसके शेयरों में 12 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई और ये 681.3 रुपये के लेवल पर जा गिरा.

बच निकले ये शेयर

सोलर मार्केट की इस मंदी की लहर ने सिर्फ वारी और प्रीमियर को ही नहीं लपेटा, बल्कि विक्रम सोलर में 7 प्रतिशत, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज में 6 प्रतिशत और सोलेक्स एनर्जी में 5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. सात्विक ग्रीन एनर्जी और बोरोसिल रिन्यूएबल्स भी प्रोफिट बुकिंग से खुद को बचा नहीं पाए. हालांकि, इस डूबती कश्ती के बीच सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम जैसे कुछ शेयर हल्की बढ़त के साथ तैरते नजर आए, जिससे ये क्लियर हुआ कि मार्केट हर कंपनी को एक ही तराजू में नहीं तौल रही है.

ये देश भी लपेटे में

अमेरिका ने सिर्फ भारत पर ही नहीं, बल्कि इंडोनेशिया और लाओस पर भी शिकंजा कसा है. आंकड़ों की मानें तो पिछले साल इन 3 देशों से अमेरिका में करीब 4.5 अरब डॉलर के सोलर प्रोडक्ट्स भेजे गए थे, जो अमेरिका के कुल सोलर इम्पोर्ट का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है.

आईटी शेयर्स में हरियाली

भले ही सोलर सेक्टर में मातम पसरा हो, लेकिन बाकी बाजार में जश्न का माहौल रहा. मंगलवार की भारी गिरावट के बाद बुधवार को आईटी शेयर्स ने शानदार वापसी की. इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज कंपनियों के दम पर सेंसेक्स करीब 500 अंक चढ़कर 82,724 के लेवल पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी भी 146 अंकों की छलांग लगाकर 25,571 के पार निकल गया. बाजार की इस तेजी के पीछे विदेशी बाजारों से मिले पॉजिटिव हिंट्स और ‘इंडिया विक्स’ में आई 6 प्रतिशत की कमी रही, जिसने इन्वेस्टर्स के डर को कम किया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर निफ्टी 25,670 के ऊपर टिकता है, तो हम जल्द ही इसे 25,900 के लेवल की तरफ बढ़ते हुए देखेंगे.

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