Home Latest News & Updates UP News :2017 से पहले IPS होते थे असुरक्षित- सीएम योगी

UP News :2017 से पहले IPS होते थे असुरक्षित- सीएम योगी

by Live India
CM Yogi 2017 even IPS officers unsafe

3

यूपी समाचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों (ग्रेड-ए) को बुधवार को लोकभवन में नियुक्ति पत्र प्रदान किए. उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं और पारदर्शी भर्ती को ससमय पूरा करने के लिए भर्ती बोर्ड को धन्यवाद दिया. सीएम ने कहा कि आप सभी प्रधानमंत्री मोदी जी के ‘विकसित भारत’ विजन को बढ़ाने के सारथी हैं. इसके लिए आत्म अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और आप इसे बनाए रखेंगे. ड्यूटी के प्रति सजगता और हर कार्य में गंभीरता होनी चाहिए. ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है. ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे हंसी का पात्र बनना पड़े. सीएम ने विश्वास जताया कि सभी नवचयनित अभ्यर्थी यूपी पुलिस की आधुनिक तकनीक एवं सुरक्षा मानकों आदि की जानकारी के साथ टीम भावना, पारदर्शिता, निष्पक्षता के साथ अच्छा परफॉरमेंस देंगे.

यूपी पुलिस ने देश में बनाई नई पहचान

सीएम ने कहा कि यूपी पुलिस ने जनसेवा को केंद्र में रखा तो देश में निखर गई. अब कोई यूपी पुलिस पर अंगुली नहीं उठाता. कालचक्र की परवाह किए बिना व्यक्ति अनिर्णय का शिकार होता है और अंततः बिखर जाता है. यूपी पुलिस की नई पहचान सिर्फ संख्या बल के आधार पर नहीं है. पीएम मोदी की अपेक्षा पर सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यूपी पुलिस ने 9 साल में जिस त्वरित गति से काम किया, वह मॉडल पुलिसिंग का उदाहरण बना है. नवचयनित कार्मिकों की स्मार्ट पुलिस व डिजिटल वॉरियर्स के रूप में बड़ी भूमिका होने जा रही है.

2017 के पहले कैसा था यूपी?

सीएम ने नवचयनित अभ्यर्थियों से 2017 के पहले के यूपी की चर्चा की और कहा कि उस समय आप सभी माता-पिता पर आश्रित रहे होंगे. उस उम्र में बहुत चिंता भी नहीं होती है, परंतु 10 वर्ष पहले पत्र-पत्रिकाओं, अखबारों की कतरनों का अवलोकन कीजिए, अभिभावकों व गुरुजनों से पूछिए कि 2017 के पहले का उत्तर प्रदेश कैसा था, कानून व्यवस्था कैसी थी? प्रदेश के बारे में, पुलिस के बारे में जनता की धारणा क्या थी? औसतन हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था. उत्सव के पहले उपद्रव होता था, महीनों कर्फ्यू लगता था, लेकिन अब हर किसी को सुरक्षा मिल रही है. 9 वर्ष से यूपी में कहीं कर्फ्यू नहीं लगा.

फाइलों में रह जाती थीं पुलिस की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा, पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम की बात 1972 से चली आ रही थी, लेकिन कोई इसे लागू नहीं कर पा रहा था. मामला फाइलों में ही दबा रह जाता था. हमारी सरकार बनी तो 7 जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू कर दिया. यह पुलिस रिफॉर्म का पार्ट है. जिन लोगों को पुलिस रिफॉर्म या पुलिसिंग की जानकारी नहीं वे ही कमिश्नरेट सिस्टम पर अंगुली उठाते हैं. ये वही लोग हैं, जिनको आम नागरिकों की सुविधा व सुरक्षा की चिंता नहीं.

IPS असुरक्षित थे तो नागरिक कैसे सुरक्षित होते

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले पुलिस अधिकारी ही असुरक्षित थे. मुरादाबाद में DIG स्तर के अधिकारी को उपद्रवियों ने घेरकर मारा था और उन्हें जीवित न मानकर छोड़ गए. सोचिए, जब राज्य में आईपीएस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं थे तो सामान्य नागरिक, महिला, बेटी-बहन, व्यापारी की सुरक्षा सिर्फ कल्पना थी.

पीढ़ियां अपराध करना भूल जाएंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में यूपी के लोगों ने सुधार की कल्पना करना ही छोड़ दिया था. डबल इंजन सरकार आने के बाद कार्रवाई शुरू हुई तो अपराधियों को बचाने के लिए राजनीतिक दबाव भी आए, लेकिन सरकार की अभियोजन शाखा के प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि कुछ दिनों पहले ही उन अपराधियों को इतनी गंभीर सजा मिली कि अब उनकी कई पीढ़ियां भी अपराध करना भूल जाएंगी.

बंगाल-महाराष्ट्र के बाद अब UP की बारी? ओमप्रकाश राजभर का दावा- पूरी समाजवादी पार्टी टूटने की कगार पर

9 साल में सवा दो लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती

सीएम ने कहा कि हमने प्रदेश के भर्ती आयोगों और बोर्डों में पारदर्शिता सुनिश्चित की. पिछले दिनों 35 हजार पुलिस आरक्षियों की परीक्षा संपन्न हुई, जिसमें 28 लाख युवा शामिल हुए. उससे पहले 41 हजार होमगार्ड्स की परीक्षा हुई. बिना सिफारिश-बिना भेदभाव 9 साल में सवा दो लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से की गई. यह कानून का राज व सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने की शुरुआत है.

न्यायालय की अपेक्षाओं पर खरे उतरे

सीएम ने कहा कि 2017 में सरकार बनने पर पता चला कि कई लाख भर्तियां होनी हैं, लेकिन अलग-अलग भर्तियों में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट आदि का स्टे है. मैंने पूछा कि भर्ती बोर्ड माननीय न्यायालय की अपेक्षाओं पर क्यों नहीं खरा उतरता है, फिर हमने उचित कार्रवाई शुरू की तो माननीय न्यायालय ने भी आदेश दिया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. हमने भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की तो पता चला कि एक बार में सिर्फ 3000 भर्तियां ही होंगी, फिर 9 महीने ट्रेनिंग होगी. इसमें तो कई दशक बीत जाते. इसलिए हमने ट्रेनिंग क्षमता को बढ़ाया, इसका परिणाम रहा कि गत वर्ष सभी 60,244 पुलिस कर्मियों को यूपी में ही ट्रेनिंग दी गई. अब वे सभी फील्ड में कार्य कर रहे हैं.

UP विधानसभा चुनाव को लेकर BJP की तैयारी शुरू, अपने गढ़ को बचाने में जुटी; जानें क्या है प्लान?

अब यूपी रेंग नहीं, बल्कि दौड़ रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीड के साथ चले, तब परिणाम आया. जब कदम उठाएंगे तो आलोचना होगी, लेकिन उससे घबराए बिना बढ़ना पड़ेगा. जिस पुलिस के जवान के भरोसे हम इतनी बड़ी आबादी को सुरक्षा की गारंटी देते हैं. वह सर्दी, गर्मी व बरसात में टूटी बैरकों में रहता था. उसकी समस्या/सुविधा का ध्यान नहीं रखा जाता था, लेकिन आज 56 जनपदों में सबसे हाईराइज बिल्डिंग यूपी पुलिस की बैरक ही होगी. ये जनपद बताते हैं कि प्रदेश अब रेंग नहीं रहा, बल्कि दौड़ रहा है.

यूपी में अवस्थापना सुविधाओं का विकास

डिजिटल वॉरियर्स के रूप बड़ी भूमिका

सीएम ने अभ्यर्थियों से कहा कि आज के युग मे कोई चीज छिपी नहीं रहती. स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना में डिजिटल वॉरियर्स के रूप में आपकी बड़ी भूमिका होने जा रही है. पहले नौकरी के लिए यूपी के बाहर जाते थे तो योग्यता के बावजूद भी कोई पूछता नहीं, लेकिन आज अपने राज्य, जनपद में नौकरी की संभावना मजबूत हुई है. यदि बाहर अच्छी अपॉर्च्युनिटी है तो वहां भी अब कोई मना नहीं कर सकता.

‘सपा के 25-26 सांसद टूटने को तैयार…’ केशव प्रसाद मौर्य ने किया बड़ा दावा; OP राजभर भी बोले

अब यूपी में ही सबको मिल रहा काम

सीएम ने कहा कि 9 साल पहले यूपी में कुल 14 हजार बड़े कारखाने थे. आज 32 हजार बड़े कारखाने हैं, जिनमें लाखों नौजवानों को नौकरी मिली. एमएसएमई सेक्टर लगभग बंद हो चुका था, लेकिन आज 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स ने पुनर्जीवित होकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं. स्थानीय नागरिकों को रुचि के अनुरूप अब यूपी में ही काम मिल रहा है.

सुरक्षा के माहौल में बढ़ी अर्थव्यवस्था

सीएम ने कहा कि सुरक्षा के बेहतरीन वातावरण में अर्थव्यवस्था भी तेजी से बढ़ती है. 9 वर्ष में यूपी की अर्थव्यवस्था तथा प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी है. अब हर सेक्टर में लोग यूपी आना चाहते हैं. नवचयनित अभ्यर्थी सौभाग्यशाली हैं कि वे बदले हुए उत्तर प्रदेश में दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने जा रहे हैं.

शासन की अपेक्षा सिर्फ ईमानदारी

सीएम ने नवचयनितों से कहा कि भर्ती की प्रक्रिया से लेकर नियुक्ति तक, पूरी प्रक्रिया में आपको कहीं सिफारिश की नौबत नहीं आई. सिर्फ मेरिट पर ही आप आगे बढ़ेंगे. जब किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं है तो शासन भी आपसे ईमानदारी, गरिमापूर्ण दायित्व के निर्वहन की अपेक्षा रखेगा. अनावश्यक पेंडेंसी, कार्य टालने की प्रवृत्ति बंद करनी होगी. यदि पिछली सरकारों की तरह हमने भी टालमटोल वाला रवैया अपनाया होता तो भर्ती, अवस्थापना सुविधा, ट्रेनिंग सेंटर आदि विकसित नहीं हुए होते.

अब टॉप या दूसरे नंबर पर रहता है यूपी

सीएम ने कहा कि यूपी अब बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना है. टॉप-3 में अब यूपी का नाम आता है. अब भारत सरकार की हर स्कीम में यूपी नंबर-1 या नंबर-2 पर रहता है. सामूहिक प्रयास से ही परिणाम आएंगे. इस यूपी को पहचान दिलाने में आपको भी अपने फील्ड में उत्कृष्ट कार्य करना है.

ऑपरेशन टाइगर या ऑपरेशन प्रगति? महाराष्ट्र की राजनीति में दिनभर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

Related Articles