Home News UP Session: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर चुप्पी क्यों? विधानसभा में CM योगी ने विपक्ष को घेरा

UP Session: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर चुप्पी क्यों? विधानसभा में CM योगी ने विपक्ष को घेरा

by Live India
UP Session: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर चुप्पी क्यों? विधानसभा में CM योगी ने विपक्ष को घेरा

UP Assembly Session: योगी ने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है. सुरक्षा और सुशासन से उत्तर प्रदेश की पहचान बदली है. विपक्ष के सुझाव पर सरकार गंभीर है.

यूपी विधानसभा सत्र: योगी ने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है. सुरक्षा और सुशासन से उत्तर प्रदेश की पहचान बदली है. विपक्ष के सुझाव पर सरकार गंभीर है. ये बातें सीएम योगी ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को कही. मुख्यमंत्री योगी विधानसभा में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर बोलते हुए सपा सरकार पर जमकर बरसे. कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर विपक्ष चुप रहता है. शीतकालीन सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पर हुई चर्चाओं में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को सदन के समक्ष रखा, बल्कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी तथ्यों के साथ जवाब दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सुरक्षा, कानून का राज और विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इन्हीं आधारों पर उत्तर प्रदेश की छवि देश और दुनिया में बदली है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला भी बोला. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आज जो उपदेश हमारी सरकार को दिए जा रहे हैं, वो उपदेश पहले की सरकारों को दिए होते तो प्रदेश की स्थिति कुछ और होती.

कानून का राज और सुरक्षा पहली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष और सभी दलीय नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में उठाए गए अधिकांश विषय आम जनमानस से जुड़े हुए हैं और प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को सरकार गंभीरता से लेती है और उन पर आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी हैं तथा उनकी सहजता और सरलता सदन को सकारात्मक दिशा देती है. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और बाद का अंतर प्रदेश की जनता देख रही है. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, अव्यवस्था और पहचान के संकट की जो स्थिति बनी थी, उसके लिए कौन उत्तरदायी था, यह उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है. आपने यह स्वीकार किया है कि अपराधियों और माफियाओं के प्रति सरकार की नीति स्पष्ट और कठोर होनी चाहिए और यह हमारी सरकार ने करके भी दिखाया है. कहा कि कोई भी व्यक्ति, समाज या संस्था सबसे पहले सुरक्षा चाहता है. कानून का राज हो, हर व्यक्ति, हर बेटी, हर व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे यह किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

ग्रामीण अभिलेख विधेयक का सपा ने किया था विरोध

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि में जो बदलाव आया है, वह देश और दुनिया दोनों के सामने है. मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय कैसे होता है, इसका उदाहरण भी हमारे सामने है. पूजा पाल प्रकरण इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. आपके समय में माफिया के सामने झुकना मजबूरी थी, लेकिन आज सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि बेटी किसी भी पक्ष की हो, उसे न्याय हर हाल में मिलेगा. यह केवल सत्ता या विपक्ष का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा और सम्मान का विषय है. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य है कि इस सदन में जब ग्रामीण अभिलेख विधेयक लाया गया तो समाजवादी पार्टी ने उसका विरोध किया. ग्रामीण अभिलेख से संबंधित संशोधन विधेयक पहली बार गरीब को उसके मकान का वैधानिक अधिकार देता है. यह अधिकार महिला सदस्य के नाम पर दर्ज होगा, जिससे वह आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेगी. लेकिन यदि कोई माफिया या असामाजिक तत्व सरकारी भूमि पर कब्जा कर अनैतिक गतिविधियां करेगा, तो उस पर कठोरतम कार्यवाही होगी.

सपा शासनकाल में नौजवानों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय

कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की हालत किसी से छिपी नहीं थी. सड़कों पर गड्ढे, मेट्रो के नाम पर मजाक, रेलवे नेटवर्क में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महज डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि आज प्रदेश में 22 एक्सप्रेस-वे हैं. यूपी के नौजवानों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ. प्रदेश में पौने नौ वर्षों में लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां बिना किसी घूसखोरी के दी गई हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है. कहा कि 2017 से पहले और 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि में जो बदलाव आया है, वह देश और दुनिया दोनों के सामने है.

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