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अमरनाथ यात्रा पहला बैच: जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से आज सुबह ‘बम-बम भोले’ का उद्घोष के साथ अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना हुआ. लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने तीर्थयात्रियों से मिलने और उनकी सुरक्षित यात्रा की कामना करने के लिए भगवती नगर बेस कैंप पहुंचे. तीर्थयात्रियों ने भी इंतजामों पर खुशी जताई और तीर्थयात्रा के लिए काफी उत्साह दिखाया. मनोज सिन्हा श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन भी हैं, इसलिए वे सारे इंतजाम पर नजर रख रहे हैं.
बिजली, पानी और आपात सेवाएं उपलब्ध
इससे पहले उन्होंने बेस कैंप पर सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का जायदा लिया था. एक अधिकारी ने बताया कि दौरे के दौरान, लेफ्टिनेंट गवर्नर ने भक्तों के लिए आसान और बिना किसी परेशानी के अनुभव पक्का करने के लिए लॉजिस्टिक्स, रहने की जगह, सुरक्षा व्यवस्था, हेल्थ सुविधाएं, हेल्प डेस्क, सफ़ाई, बिजली और पानी की सप्लाई, इमरजेंसी और दूसरी जरूरी सेवाओं और सुविधाओं का जायजा लिया. सिन्हा ने अधिकारियों को भक्तों की भारी भीड़ को आसानी से संभालने के लिए मैनपावर मैनेजमेंट बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने भगवती नगर और तवी रिवरफ्रंट पर रेगुलर पब्लिक अनाउंसमेंट पर भी जोर दिया ताकि यात्रियों को समय पर जरूरी जानकारी मिल सके.
वीडियो | जम्मू: जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाने से पहले पूजा की।#AmarnathYatra2026
(पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/I6RSLkbHaW
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 2 जुलाई, 2026
यात्रियों को मिलेगी लंगर की सुविधा
एक अधिकारी ने बताया कि 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिन की तीर्थयात्रा 3 जुलाई को अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 km लंबे नुनवान-पहलगाम रास्ते और गंदेरबल जिले में 14 km लंबे बालटाल रास्ते से शुरू होने वाली है. यात्रा को ज़्यादा आसान और सुरक्षित बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा, तीर्थयात्रियों के लिए बेस कैंप में हेल्थ, टेंट और लंगर की सुविधाओं को पिछली यात्राओं की तुलना में बढ़ाया और बेहतर बनाया गया है.
ड्रोन से रखी जाएगी निगरानी
श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है. जम्मू नगर निगम द्वारा स्थापित अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) यात्रा सुरक्षा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां से यात्रा मार्ग, बेस कैंप, संवेदनशील स्थानों और जम्मू शहर की गतिविधियों पर 24 घंटे डिजिटल निगरानी रखी जा रही है. कमांड सेंटर में करीब 600 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड एकीकृत की गई है. इसके साथ ही एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स, फेस रिकग्निशन तकनीक, ड्रोन निगरानी और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का ‘डिजिटल कवच’, AI और ड्रोन की निगरानी में होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन
समाचार स्रोत: पीटीआई
