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जम्मू और कश्मीर: आतंकवाद के खिलाफ अपनी लगातार कार्रवाई के तहत जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (है) कश्मीर को एक बड़ी सफलता मिली है. SIA ने वर्ष 2013 में सोपोर के तारजू (हाईगाम) आतंकी हमले के मामले में नामित हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी इम्तियाज़ अहमद कंडू उर्फ फैयाज़ उर्फ सज्जाद के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी करवाने में सफलता हासिल की है. इसे बहुचर्चित आतंकी हमले की जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
कानून के दायरे में लाने में होगी आसानी
SIA के अनुसार, रेड कॉर्नर नोटिस जारी होना एजेंसी द्वारा की गई गहन, पेशेवर और साक्ष्य-आधारित जांच का परिणाम है. यह इस बात का भी प्रमाण है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादी गतिविधियों में शामिल आरोपियों को दुनिया के किसी भी कोने में छिपे होने के बावजूद कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आरोपी की पहचान करने, उसका पता लगाने, उसे हिरासत में लेने और भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू करने में सहायता मिलेगी. उसे भारतीय अदालत में पेश कर कानून के अनुसार मुकदमे का सामना कराया जा सके.
आतंकियो ने किया था घात लगाकर हमला
यह मामला 26 अप्रैल 2013 को सोपोर के पीर मोहल्ला, हाईगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले से जुड़ा है. उस दिन स्वचालित हथियारों से लैस आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक दल पर घात लगाकर हमला किया था. इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे. उस समय यह हमला सुरक्षा बलों पर हुए सबसे गंभीर आतंकी हमलों में से एक माना गया था.
SIA ने सबूतों के आधार पर नोटिस जारी किया
घटना के तुरंत बाद इस मामले में पुलिस थाना तारजू, सोपोर में FIR दर्ज की गई थी और प्रारंभिक जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की गई. बाद में वर्ष 2024 में इस मामले को व्यापक, वैज्ञानिक और गहन जांच के लिए स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) कश्मीर को सौंप दिया गया. एसआईए ने दोबारा जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी जानकारियों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का विश्लेषण करते हुए आरोपी की भूमिका को मजबूत आधारों पर स्थापित किया. इसी के आधार पर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को और मजबूत करेगा तथा आतंकियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा.
- जम्मू-कश्मीर से रवींद्र श्रीवास्तव की रिपोर्ट
