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दोषी को 20 साल की जेल

by Live India
चरस तस्करी में पालमपुर कोर्ट की सख्त सजाः दोषी को 20 साल की जेल, जुर्माना न भरने पर 1 साल अतिरिक्त कैद

गुजरात एटीएस: गुजरात एंटी टेररिस्ट स्कॉड द्वारा वर्ष 2020 में दर्ज किए गए एनडीपीएस मामले में पालनपुर स्थित स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने 16.575 किलोग्राम चरस की तस्करी के मामले में आरोपी समीर अहमद शेख नागोरी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा. जानकारी के अनुसार, गुजरात ATS को वर्ष 2020 में विश्वसनीय सूचना मिली थी कि एक वाहन के माध्यम से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है.

अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 51 हजार 800 रुपये

सूचना के आधार पर ATS की टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान वाहन से 16.575 किलोग्राम चरस बरामद हुई. जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 51 हजार 800 रुपये आंकी गई थी. इसके बाद ATS ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की. जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जब्ती, वैज्ञानिक परीक्षण, दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत केस प्रस्तुत किया. अदालत ने सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी समीर अहमद शेख नागोरी को दोषी ठहराया और एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई.

2 लाख रुपये का जुर्माना भी

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है. नशे का अवैध कारोबार सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करता है और युवाओं को अपराध तथा नशे की लत की ओर धकेलता है. ऐसे मामलों में कठोर सजा देना आवश्यक है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए और इस तरह के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके. कोर्ट ने आरोपी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा.

गुजरात ATS की बड़ी सफलता

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अलग से जारी रहेगी और उनके मामलों का निपटारा कानून के अनुसार किया जाएगा. यह फैसला 9 जुलाई 2026 को पालनपुर स्थित स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट द्वारा सुनाया गया. गुजरात ATS के लिए यह निर्णय मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मानी जा रही है. एजेंसी का कहना है कि भविष्य में भी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके.

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