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इंदौर समेत 19 जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट

by Live India
MP Monsoon Alert

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एमपी मानसून अलर्ट: मध्य प्रदेश में मानसून की भारी बारिश अब आफत बन चुकी है. सूबे के 25 से ज्यादा जिलों में मेघ ऐसे बरसे हैं कि नदियां, नाले और तालाब सब एक हो चुके हैं. सड़कों पर समंदर का नजारा है और पुलों के ऊपर से सैलाब बह रहा है. उज्जैन की क्षिप्रा से लेकर आष्टा की पार्वती नदी तक पानी रौद्र रूप अख्तियार कर चुका है. मौसम विभाग ने इंदौर, उज्जैन समेत 19 जिलों में आज अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इस आसमानी आफत का सबसे खतरनाक रूप सीहोर जिले में देखने को मिल रहा है.

छतों पर पनाह ले रहे लोग

सीहोर के आष्टा ब्लॉक में शुक्रवार रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीहोर की पार्वती, पपनास और नेवज नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं. आष्टा ब्लॉक के खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा और मुगली समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है. लोग छतों पर पनाह लेने को मजबूर हैं. हालात इतने बदतर हैं कि सीहोर के अमलाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर अजनाल नदी का पानी पुल से कई फीट ऊपर बह रहा है, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है.

गांव से संपर्क टूटा

कोठरी से शुजालपुर जाने वाला मार्ग भी पार्वती नदी के उफान की वजह से बंद है और निपानिया गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट चुका है. सीहोर के अलावा उज्जैन में भी हालात बेकाबू हैं. बाबा महाकाल की नगरी में क्षिप्रा नदी के घाट और कई मंदिर पानी में डूब चुके हैं. दु:खद खबर यह है कि उज्जैन के गांवड़ी लोढ़ा में एक सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह बाइक समेत पानी के तेज बहाव में बह गए. वहीं इंदौर, भोपाल और पांढुर्णा में भी भारी तबाही हुई है, जहां पांढुर्णा में नदी किनारे बने 5 कच्चे मकान ढह गए.

लोगों से अपील

उधर खंडवा के किल्लौद में गरबड़ी नाला उफनने से खिरकिया मार्ग पूरी तरह बंद है और हरदा में कालीमाचक नदी का पानी पुल से तीन फीट ऊपर होने के कारण नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे ब्लॉक हो चुका है. हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. सीहोर, खंडवा और हरदा के जिला प्रशासन ने लोगों से सख्त अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं. जब तक पानी का बहाव कम नहीं होता सुरक्षित स्थानों पर रहें. पल-पल बदलते मौसम के इस दौर में सावधानी ही एकमात्र बचाव है.

MP में मानसून की एंट्री के साथ बारिश का कहर, खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट, उज्जैन में बहे दो लोग

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