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इज़राइल लेबनान डील: बीते दिनों पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिकी के बीच एक डील हुई थी. इसमें लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्षों को भी खत्म करने की मांग ईरान की ओर से की गई थी. हालांकि, इसके बावजूद भी लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच रह-रह कर युद्ध जारी रहा.
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायल और लेबनान के बीच एक डील की जानकारी दी है. उन्होंने इसे इजरायल और लेबनान के बीच शांति की दिशा में पहला कदम बताया है. हालांकि, इस बातचीत से हिजबुल्लाह को बाहर रखा गया है, जिससे ईरान समर्थित इस आतंकी संगठन ने धमकी दी है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
रुबियो ने की फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा
शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा करने के लिए अमेरिका में इजरायल और लेबनान के राजदूतों के साथ मुलाकात की. इसे इजरायल और लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष के बाद शांति की दिशा में पहला कदम बताया गया.
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिका इस फ्रेमवर्क को लागू करने के लिए नवगठित “लेबनान के लिए सैन्य समन्वय समूह” की सुविधा प्रदान करेगा, साथ ही मानवीय सहायता के रूप में 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने की प्रतिबद्धता भी जताई. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, “लेबनान के लिए, यह फ्रेमवर्क एक लंबे संकट से बाहर निकलने का एक वास्तविक रास्ता प्रदान करता है. इजरायल के लिए, यह उसकी उत्तरी सीमा पर लगातार बने खतरे को दूर करने का एक सत्यापित मार्ग बनाता है.”
हमारा मकसद लेबनान को गले लगाना- इजरायल
शुक्रवार को वाशिंगटन में रुबियो की उपस्थिति में इस समझौते पर अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर और अमेरिका में लेबनान की राजदूत नाडा हमादेह मोवाद ने हस्ताक्षर किए. लीटर ने कहा कि इस फ्रेमवर्क का अंतिम लक्ष्य दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करना है. उन्होंने कहा, “हमारा मकसद लेबनान को गले लगाना है. हमारा मकसद तेल अवीव से कार में बैठकर बेरूत तक जाना है, और बेरूत से भी तेल अवीव तक ड्राइव करके आना है. हम यही चाहते हैं. हम यही करने जा रहे हैं.”
हिजबुल्लाह ने गृहयुद्ध की दी चेतावनी
इस समझौते में हिजबुल्लाह को शामिल नहीं किया गया है, जिसके चलते लेबनान में हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने गृहयुद्ध की चेतावनी व धमकी दी है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि इस फ्रेमवर्क में हिजबुल्लाह को भंग करने और लेबनान को उन क्षेत्रों को वापस हासिल करने की प्रक्रिया स्थापित की गई है, जिन्हें इजरायली सेना ने आतंकवादी समूह से लड़ते हुए अपने कब्जे में ले लिया था. हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने कहा कि समूह हथियार नहीं छोड़ेगा.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
