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ईरान का खेल खत्म…समझौता या सफाया- ट्रंप

by Live India
ईरान का खेल खत्म...समझौता या सफाया- ट्रंप

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Trump on Iran: बता दें कि अमेरिका ने बीते 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. अमेरिका की इस शुरुआती हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उसके बाद ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी थी.

15 मई 2026

ईरान पर ट्रम्प: ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप 13 मई को चीन की अपनी आधिकारिक यात्रा पर गए थे. आज 15 मई को उनकी इस यात्रा का आखिरी दिन है. इस यात्रा के दौरान ट्रंप ने चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के साथ मुलाकात और मीटिंग की. इस खास मौके पर चीन और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई और ट्रेड को लेकर कई सारी डील होने की संभावना जताई जा रही है. इस बीच ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.
जी हां, चीन की राजधानी बीजिंग में अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ‘खत्म’ को चुका है और उसे या तो चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए एक डील पर बातचीत करनी होगी या फिर विनाश का सामना करना होगा.

समझौता करें या सफाया हो जाएगा- ट्रंप

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप आज चीन की अपनी यात्रा के आखिरी दिन शी के साथ एक और बैठक कर सकते हैं. उसके बाद लंच के साथ वे अमेरिका लौट जाएंगे. इस बीच यूएस लौटने से पहले ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा, “ईरान के लिए समझौता या विनाश.” ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दे सकता है. उन्होंने चीनी प्रेसिडेंट शी के साथ दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत करने के बाद ईरान को लेकर कहा,”अब उनका (ईरान) खेल खत्म हो चुका है; वे समझौता कर सकते हैं, या उनका सफाया कर दिया जाएगा.”

अमेरिका-ईरान के बीच शी देखना चाहते हैं डील- ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “राष्ट्रपति शी अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (डील) देखना चाहते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि शी ने सहायता की पेशकश करते हुए कहा, “अगर मैं किसी भी तरह से मदद कर सकता हूं, तो मैं मदद करना चाहूंगा.” डोनाल्ड ट्रंप ने यह विश्वास जताया कि चीन भी नहीं चाहता कि ईरान परमाणु हथियार रखे.

वहीं, ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि ये वियतनाम और इराक जैसे पिछले अमेरिकी संघर्षों की तुलना में बहुत कम है. उन्होंने बताया कि ईरान की नौसेना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है. वर्तमान में उनके पास वायुसेना और एंटी एयरक्रॉफ्ट की क्षमता नहीं है. ट्रंप ने कहा,”उन्होंने इसे थोड़ा-बहुत मजबूत कर लिया है. हम इसे एक दिन में ही नष्ट कर देंगे.”

28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर किया था हमला

बता दें कि अमेरिका ने बीते 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. अमेरिका की इस शुरुआती हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उसके बाद ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी थी. उसने खाड़ी देशों समेत अन्य देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था. उसके बाद ईरान व अमेरिका में तनाव के साथ जंग छिड़ गई थी. इस वजह से दुनिया के एनर्जी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध शुरू हो गया.

ईरान ने इस रास्ते तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित कर दिया. वहीं, अमेरिका ने उसके सभी बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर दी. फिलहाल, इन दोनों देशों के बीच तनाव जारी है और पाकिस्तान की मध्यस्थता में शांति समझौता करने की कोशिश की जा रही है. अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देना चाहता है, जबकि ईरान इसे बनाने की अपनी जिद्द पर अड़ा हुआ है.

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