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भारत-चीन संबंध: भारत की अध्यक्षता में 22-23 जून को नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक हो रही है. इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल अध्यक्षता में हो रही है और इस दौरान सभी देशों को प्रतिनिधि भी भारत पहुंच चुके हैं. इसी कड़ी में चीनी विदेश मंत्री सोमवार को भारत पहुंचे और उन्होंने एनएसए अजित डोभाल से मुलाकात की. इस दौरान वांग यी ने कहा कि भारत और चीन के लिए एक-दूसरे के हितों का सम्मान करना चाहिए. साथ ही दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. इसके अलावा बैठक के दौरान डोभाल और वांग ने द्विपक्षीय संबंधों में हो रही प्रगति पर भी चर्चा की.
भारत-चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार हैं
वांग और डोभाल दोनों ही नेता भारत-चीन सीमा विवाद के लिए विशेष प्रतिनिधि हैं. साथ ही दोनों नेता सीमा विवादों को कम करने के लिए मीटिंग करते रहते हैं और बातचीत की प्रगति में इजाफा भी करते हैं. चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, चीन का एक अहम पड़ोसी देश है और दोनों देशों के बीच आपसी संबंध अब सुधार की तरफ लगातार लौट रहे हैं. सोमवार की रात डोभाल और वांग की मुलाकात के बाद एक जारी एक प्रेस रिलीज में दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भारत और चीन एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं है बल्कि साझेदार हैं. यह दोनों पक्षों के बीच सबसे अहम रणनीतिक सहमति है और यही दोनों देशों के बीच में एक रणनीतिक गारंटी देती है.
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दोनों पक्षों को लंबे नजरिए से देखना चाहिए
वांग ने कहा कि दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाली दो अर्थव्यवस्थाओं को न सिर्फ आपसी संबंधों को लंबे समय के नजरिए से देखना चाहिए, बल्कि वैश्विक नजरिए से भी सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए. ग्लोबल साउथ के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए दोनों पक्षों को ठोस कदम उठाने चाहिए. वांग ने आगे कहा कि दोनों पक्षों को समाज में लोगों की सही समझ बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और भारत-चीन सीमा विवाद को सही परिप्रेक्ष्य में रखना चाहिए. वहीं, सरकारी प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए शिन्हुआ ने बताया कि उन्होंने बातचीत के तंत्र को फिर से शुरू करने और व्यापार, वित्त, कानून प्रवर्तन और मीडिया जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया.
भारत-चीन सीमा क्षेत्र स्थिर
इसी बीच चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मंगलवार को चीन-भारत सीमा क्षेत्र अभी स्थिर हैं और दोनों पक्ष सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए रास्ता खुला रखा है. साथ ही दोनों पक्षों के बीच में 24वें दौर की बातचीत अभी जारी है और 25वें दौर के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. वहीं, नई दिल्ली में स्थित विदेश मंत्रालय रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा कि डोभाल और वांग के बीच बातचीत रचनात्मक और भविष्योन्मुखी थी.
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