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जीनत अमान ने किया Sonam Wangchuk की भूख हड़ताल का समर्थन

by Live India
जीनत अमान ने किया Sonam Wangchuk की भूख हड़ताल का समर्थन

स्वर्ण महिला: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनकी दिन प्रतिदिन तबीयत खराब होती जा रही है और इस दौरान उनके साथ स्टूडेंट्स भी भूख हड़ताल कर रहे हैं. वहीं, कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने कहा कि उनका मसल लगातार कमजोर हो रहा है और अब उन्हें सेहत से जुड़ी परेशानियां भी हो रही हैं. अब बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर एक्ट्रेस जीनत अमान ने चिंता जाहिर की है. एक्ट्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वे वांगचुक से इस मुद्दे पर चर्चा करें. उन्होंने आगे कहा कि भारत को अपने सबसे बेहतरीन दिमागों में से एक को बर्बाद होते हुए चुपचाप नहीं देखना चाहिए.

शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करें

जीनत अमान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की एक पोस्ट में कहा कि सरकार को वांगचुक के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करनी चाहिए और यह पूरे भारत के भविष्य से जुड़ा मामला है. अमान ने कहा कि हमें एक ऐसे समाज का निर्माण कतई नहीं करना चाहिए जो अपने सबसे बेहतरीन दिमागों में से एक को बर्बाद होते हुए चुपचाप देखता रहे. भारत में शांतिपूर्ण विरोध का लंबा इतिहास रहा है. वहीं, सत्ता में बैठे लोगों का फर्ज है कि वे ऐसे विरोध का सम्मान करें और शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करें. उन्होंने आगे कहा कि वांगचुक की इच्छाओं का सम्मान करते मैं भारत सरकार से गुजारिश करती हूं कि वह मामले को सुलझाने के लिए उचित कदम उठाएं.

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8.2 किलोग्राम कम हुआ वजन

बता दें कि 8 जून को NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. साथ ही CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद से वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. आयोजकों का कहना है कि उपवास शुरू होने के बाद से वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम कम हो गया है. उनकी हालिया मेडिकल जांच में ब्लड प्रेशर 107/70 mmHg और ब्लड ग्लूकोज का स्तर 67 mg/dL पाया गया है.

अखिलेश यादव ने अनशन खत्म करने का किया आग्रह

इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें. उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए. जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है. भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है. वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं. उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है. ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं. उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो खुदगर्ज लोग हैं.

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